बरेली के नवाबगंज ब्लॉक भदपुरा के सात गांवों में ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया,रोड नहीं तो वोट नहीं
बरेली । नवाबगंज ब्लॉक भदपुरा के सात गांवों में मतदान का बहिष्कार होने पर पूरे दिन प्रशासन का तांडव कायम रहा। पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष व रोहिलखंड प्रांत उपाध्यक्ष आम आदमी पार्टी एडवोकेट सुनीता गंगवार ने मतदान के अगले दिन वहां जाकर ग्रामीणों से संवाद करके प्रशासन की कार्यवाही बहिष्कार के संबंध में क्या रही जानकारी हेतु पहुंची। ग्रामीणों ने बताया प्रशासनिक अधिकारियों पुलिस ने व भाजपा जनप्रतिनिधियों ने जनता पर समस्या के प्रति कोई आश्वासन देने के बजाय उन में दहशत का माहौल बनाकर मतदान करवाने की कोशिश की गई ग्रामों के कोटेदार प्रधान व नेताओं से वोटिंग कराई गई उन्हें यह भय दिखाकर कि कोटा निरस्त कर दिया जाएगा प्रधानों के ऊपर जांच बैठेगी लोगों के खाते सीज किए जाएंगे मुकदमे लिखे जाएंगे किसी न किसी चीज में फंसा दिया जाएगा इस तरह से दबाव बनाते हुए मतदान करने की कोशिश की गई।

किंतु जनता तो टस से मस नहीं हुई लेकिन कुछ कोटेदार प्रधान व भाजपा के ग्राम स्तर के नेताओं ने मतदान किया । दिखावे के लिए तो प्रशासन जनता से विनती करता रहा लेकिन आंखें भी दिखाता रहा इस पूरे घटना क्रम के पीछे एक पुल की मांग पर किसी ने कोई संवाद नहीं किया संस्था अध्यक्ष ने सवाल उठाए क्या दबाव बनाकर मतदान करवाना लोकतंत्र में संवैधानिक है या नहीं इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए जनप्रतिनिधियों ने यह तक कह डाला की वोट देकर भी तुम कुछ नहीं कर पाओगे और वोट न देकर भी तुम कुछ नहीं कर पाओगे इस तरह की चुनौतियों का सामना इन ग्रामों की जनता करती रही फिर भी जनता के आक्रोश व जिद के आगे किसी की नहीं चली जनता ने यह भी चेतावनी दी है कि आगे आने वाले चुनाव में भी जब तक पुल नहीं बनेगा तब तक वह मतदान नहीं करेंगे संस्था अध्यक्ष ने कहा जनतंत्र में इस तरह से शासन व प्रशासन को जनता के साथ व्यवहार नहीं करना चाहिए उनकी समस्या पर संवाद करके विश्वास में लेकर मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए यह घटना केवल तहसील नवाबगंज में ही नहीं पूरी बरेली जिला के कई क्षेत्रों में भी पीड़ित जनता ने मतदान का बहिष्कार किया है यह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर सवाल पैदा हो गया है।













































































