भाजपा सांसदों-विधायकों के घर ताली- थाली बजाने की थी तैयारी, कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी और गिरफ्तारी
वाराणसी। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान किसान दिवस के रूप में मनाते हैं।बुधवार को जयंती पर कांग्रेस नए कृषि कानून के विरोध में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन कर रही है। सरकार लंबे समय से किसान संगठनों के संघर्ष को नजरअंदाज कर रही है। इसलिए किसान दिवस के दिन कांग्रेस पार्टी ने सभी जिले में क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों के घर पहुंचकर उन्हें कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए ताली और थाली बजा कर प्रदर्शन करेंगे। इससे पूर्व बुधवार सुबह पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्तों को उनके ही घर में उन्हें नज़रबंद कर दिया है।किसान दिवस के मौके पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए वाराणसी में प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय और गुरुधाम चौराहे पर भी भारी फोर्स तैनात की गई है। हालांकि ज्यादातर कांग्रेस नेताओं को सुबह से ही नजरबंद कर दिया गया है।
नजरबंद होने वाले नेता : जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक चौबे , पूर्व प्रदेश सचिव वीरेन्द्र कपूर , छात्र नेता शुभम सिंह सहित दर्जनों कांग्रेस नेताओं के घर प्रशासन ने पुलिस का पहरा लगाया है। खजुरी स्थित कैम्प कार्यालय में कांग्रेस नेता मनीष चौबे और मयंक चौबे को भी नजर बंद किया गया है।
नजरबंद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया भूख हड़ताल
किसान दिवस पर पीएम के संसदीय कार्यालय और विधायकों के घर का घेराव करने की योजना को विफल होता देख कार्यकर्ताओं ने अपनी रणनीति बदल दी है। चांदपुर स्थित कैम्प कार्यालय पर नजर बंद कार्यकर्ताओं ने एक दिन का भूख हड़ताल और बांह पर काली पट्टी बांध कर अपना विरोध जता रहे है। इसके साथ ही वह इंटरनेट मीडिया के माध्यम अपने आंदोलन को धार देने में जुटे हैं। उन्होंने सरकार से नए कृषि कानून को वापस लेने की भी मांग की है। कैम्प कार्यालय में जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, जिला उपाध्यक्ष डॉ जितेंद्र सेठ, ओम शुक्ल को नजर बंद किया गया है।













































































