बदायूं। थाना इस्लामनगर क्षेत्र के कस्बा में आतिशबाज़ी में विस्फोट से दो मंजिल मकान के धराशाई होने की आवाज दूसरे दिन भी लोगों के कानों में गूंज रही है। हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई थी।पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए। शव सुपुर्द ए खाक किए गए। रिश्तेदारों ने हादसे में बचे दो बच्चों से बात की। लोगों ने यही कहा कि ऊपर वाले हाथ जिसके सिर पर हो उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।कस्बा निवासी अख्तर अली के पिता ने नाम पर आतिशबाज़ी का लाइसेंस था। जिसका हर साल नवीनीकरण होता था। बीती दीपावली पर लाइसेंस के लिए अग्निशमन को फाइल भेजी गई थी। विभाग ने आपत्ति लगाई थी। इसके बाद भी अख्तर अली आतिशबाज़ी बनाकर अपनी दुकान पर बेच रहे थे। मुख्य सड़क किनारे आतिशबाज़ी का व्यापार होने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया और हादसा हो गया। मां सलामत और उनके बेटे तैमूर की मौत हो गई। महिला की बेटी तमन्ना और अर्फी को खरोंच भी नहीं आईं। प्राइवेट अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराया गया। दोनों सुरक्षित हैं। तमन्ना ने बताया कि हादसे के समय वह छत पर खेल रही थी। अचानक धमाका हुआ और वह लिंटर के साथ नीचे जा गिरी। वहीं अर्फी ने बताया कि वह खेल रही थी इसी दौरान धमाका हुआ और लिंटर गिर गया। गनीमत रही कि छत का मलबा कहीं टिक गया। लोगों ने छत का मलबा हटाया तो वह सकुशल बाहर निकाली जा सकी।