पीलीभीत। लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए पीलीभीत जिले में बनाए गए 1521 बूथों में से 42 ऐसे हैं, जो टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में हैं। इनसे संबद्ध 121 गांवों में बाघों की आवाजाही मतदान प्रतिशत पर असर डाल सकती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इस समय बाघों की संख्या करीब सौ के आसपास है। चुनाव को लेकर टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में भी मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बूथों पर सुरक्षा को लेकर डीएम ने डीएफओ पीटीआर से भी इसको लेकर बात की। इसके बाद वनाधिकारियों ने जाल फेंसिंग करानी शुरू कर दी है। दो रेस्क्यू टीमों का गठन किया गया है। शासन की अनुमति के बाद बाघ को रेस्क्यू किया जाएगा। पिंजरे की भी व्यवस्था की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला, महोफ और बराही रेंज सबसे अधिक संवेदनशील मानी जाती है। इन रेंजों के कई गांव जंगल क्षेत्र से सटे हुए हैं। गांव जाने का रास्ता भी जंगल से ही है। यहां बाघ के हमले की घटनाएं हुई हैं। टाइगर रिजर्व के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि जिलाधिकारी से वार्ता हुई थी। जाल फेंसिंग का काम कराया जा रहा है। रेस्क्यू के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि बाघ आने या फिर लोकेशन होने पर रेस्क्यू टीम रहेगी। बाघ को पकड़वाने के लिए शासन स्तर पर भी तुरंत वार्ता की जाएगी। लोकसभा चुनाव में युवा मतदाताओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए जिले में आठ यूथ बूथ बनाए जाएंगे। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतु पूनिया ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो बूथों को यूथ बूथ बनाया जाना है। जिले में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 20521 हैं। चारों विधानसभाओं के 10-10 बूथों को मिलाकर 40 मॉडल बूथ बनाए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो पिंक बूथ और दो पीडब्ल्यूडी बूथ बनाए जाएंगे।