ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सो रही थीं तीन बहनें, दो की मौत
गोरखपुर। गोरखपुर बड़हलगंज थाना क्षेत्र के गांव मझवलिया में कमरे में अंगीठी पर कोयला जलाकर एक ही कमरे में तीन बहनें सो गईं। रात में अंगीठी के धुएं से कमरे का अक्सीजन खत्म हो गया। जिससे तीन में से दो बहनों की मौत हो गई। वहीं एक की हालत गंभीर है। उसे एक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है
आक्सीजन खत्म होने से हुआ हादसा
गांव में अवधेश प्रसाद की तीन पुत्रियां 20 वर्षीय प्रतिमा, 18 वर्षीय अंतिमा व 17 वर्षीया निधि रविवार की रात एक कमरे में कोयले की अंगेठी जलाकर सो गयीं।
कमरे में खिड़की व रोशनदान न होने से रात में आक्सीजन खत्म होने और अंगीठी के गैस के चलते कमरे में जहरीली गैस उत्पन्न हो गयी। इसके कारण दो बहनों अंतिमा व निधि की मौत हो गई।
तीसरे की हालत गंभीर-प्रतिमा का बड़हलगंज के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां वह जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रही है। पिता अवधेश ने बताया कि रविवार की रात में तीनों बेटियां भोजन कर कमरे में सो गयीं। सोमवार की सुबह जगाने पर कोई आवाज नहीं आयी तब लोहे के राड से दरवाजा तोड़ा। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर तीनों बहनें अचेत मिलीं। आनन-फानन उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिया। प्रतिमा की शादी पिछले वर्ष हो चुकी है। कुछ दिन पहले अपने मायके आई थी। अंतिमा व निधि दोनों हाईस्कूल की छात्रा थी।
बहनों के बारे मे पूछ कर बेहोश हो रही है प्रतिमा
प्रतिमा की दवा बड़हलगंज पटना चौराहा स्थित एक निजी चिकित्सलाय में चल रहा है। प्रतिमा की शादी पिछले वर्ष बड़हलगंज क्षेत्र के खजुरी पांडेय गांव निवासी विजय कुमार के साथ हुआ था। विजय इस समय विदेश में है। उसकी सास उर्मिला देवी ने बताया कि वह बार-बार बहनों के बारे में पूछकर बेहोश हो जा रही है। उसे बहनों की मौत की सूचना नहीं दी गयी है। चिकित्सकों का कहना है कि वह होश में आ गयी है। स्वस्थ होने में थोड़ा समय लगेगा।













































































