नई दिल्ली। मुंबई के मुलुंड इलाके में मराठी भाषियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करने की बात सामने आई है। मुलुंड (मुलुंड पश्चिम) में एक व्यक्ति ने कहा कि वे एक मराठी व्यक्ति को घर नहीं देंगे। अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई हे। तृप्ती देवरूखकर नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए आरोप लगाया कि जब वह मुलुंड पश्चिम में ऑफिस के लिए घर देखने गए तो उन्हें यह कहकर घर देने से मना कर दिया गया कि वे मराठी हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने उनका हाथ पकड़ा और उनके पति को धक्का दिया। मुलुंड में हुई घटना के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) और मनसे ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। वाद-विवाद में अब शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत भी कूद पड़े हैं। संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए सवाल पूछा है कि, एक मराठी आदमी को घर देने से मना करने वालों में यह घमंड कहां से आया? संजय राउत ने कहा, यह सिर्फ मुलुंड में किसी मराठी व्यक्ति को जगह न देने का मामला नहीं है। एकनाथ शिंदे को इस मसले पर जवाब देना चाहिए। मराठी लोगों का अपमान करने की ये साजिश कामयाब नहीं होगी। संजय राउत ने कहा, “जो लोग कहते हैं कि हमारी शिवसेना असली है, वे बेनकाब हो गए हैं.’ तृप्ति देवरुखकर के आंसू बेकार नहीं जाएंगे। तृप्ती देवरूखकर ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि मुलुंड इलाके में मराठी भाषियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया गया और जवाब मांगने पर उनकी पिटाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि, जब वह मुलुंड पश्चिम इलाके में शिव सदन बिल्डिंग में किराए के लिए ऑफिस की जगह तलाशने गईं तो मालिक ने उन्हें यह कहते हुए धक्का दे दिया कि हम मराठी लोगों को ऑफिस नहीं देंगे। उधर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मुलुंड में नाराज मनसे कार्यकर्ता इस मामले में आरोपी शख्स से जवाब मांगने पहुंच गए। शख्स की उम्र को देखते हुए उसे समझाया गया और माफी मांगने को कहा गया। इस घटकाक्रम का वीडियो भी जारी किया गया। वीडियो में शख्स कहता नजर आ रहा है कि मुझसे गलती हो गई, मैं मराठी मानुष से माफी मांगता हूं।