नई शिक्षा नीति से बहुविषयक शिक्षा व वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ छात्रों की सभी क्षमताओं का विकास होगा

बदायूँ। केन्द्रीय विद्यालय शेखूपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूर्ण होने पर प्रेसवार्ता आयोजित की गयी। यह प्रेसवार्ता प्राचार्य नीरज कुमार त्यागी की अध्यक्षता में संपन्न की गयी । इस वार्ता में जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य अमर सिँह, ए.पी.एस. इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य, मदर ऐथेना स्कूल की प्राचार्या, रुकुम सिँह वैदिक नगला इंटर कॉलेज के प्राचार्य एवं जीआईसी बदायूँ के प्राचार्य उपस्थित थे। प्रेसवार्ता में नीरज कुमार त्यागी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई दी। तत्पश्चात् त्यागी जी द्वारा पी.पी.टी. के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यावयन की लाभप्रद जानकारी के साथ इसके लक्ष्यों व उपलब्धियों को सभी के साथ साझा किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार बहुविषयक शिक्षा व वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ छात्रों की सभी क्षमताओं का विकास साथ ही छात्रों की बहुआयामी क्षमता का विकास करना ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधारभूत लक्ष्य है। प्रत्येक छात्र की अद्धितीय क्षमताओं को सामने लाना, उसके रटने की अपेक्षा आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना, साथ ही सीखने पर ध्यान देने के साथ कौशल व मूल्यों का विकास करना अत्यंत आवश्यक है। कौशल विकास में स्वरोजगार प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है साथ ही कक्षा-6 से व्यवसायिक अध्ययन पर जोर देना व छात्रों को अपने कैरियर के लिए सही मार्गदर्शन करने पर प्रकाश डाला। कक्षा एक की आयु को 6 से 8 वर्ष कर दिया गया है तथा देश के 450 के0वि0 में बाल वाटिका का शुभारंभ इसी सत्र से किया जा रहा है। के0वि0 शेखूपुर में भी इसी सत्र से बालवाटिका की कक्षाएँ 29 जुलाई से प्रारंभ होने जा रही है। बाल वाटिका के माध्यम से नौनिहालों की पढ़ाई के प्रति रोचकता बढ़ाने के भरसक प्रयास किए जाएंगे। के0वि0 शेखूपुर में पूर्ण व्यवसायिक शिक्षा पर आधारित कक्षाएँ भी प्रारंभ होने जा रही है कक्षा प्रथम का प्रवेशोत्सव माह अप्रैल में किया जा चुका है। पहली कक्षा में प्रवेश के बाद तीन महाने का एक विशेष कोर्स ‘विद्या प्रवेश’ कराया जा रहा है, जिसमें उन्हें खेलते हुए जरुरी अक्षर और संख्या ज्ञान दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में बच्चों को अक्षर,रंग,आकार और संख्या आदि साखने के लिए रोचक गतिविधियाँ शामिल की गयी है। शिक्षा की शुरुआत में ही नींव को मजबूत कर सामान्य ज्ञान की शिक्षा देकर उनकी शैक्षिक बुनियाद को मजबूती प्रदान करना है। निपुण भारत कार्यक्रम के तहत हमारे विद्यालय में संसाधन कक्ष स्थापित है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट कक्षाएँ व अन्य गतिविधियाँ आयोजित की जाती है। निपुण भारत कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न क्रिया कलापों को कराया जा रहा है, जिसमें कक्षा 3 तक मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को आवश्यक रुप से प्राप्त करना सम्मिलित है। इसमें उल्लेखित लक्ष्यों को 2026 तक प्राप्त करना है।