सोनभद्र। सदर कोतवाली क्षेत्र से 15 जून को पिकअप चालक के अपहरण के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अपहर्ताओं ने घटना के दिन ही चालक की हत्या कर दी। इसके बाद शव को चुनार के पास गंगा में फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर एनडीआरएफ की मदद से गंगा नदी में शव की तलाश चल रही है। तीस घंटे बाद भी शव बरामद नहीं हो पाया है। उधर, लापता चालक की हत्या की खबर मिलने के बाद परिजन मंगलवार को पुलिस ऑफिस पहुंच गए। एसपी कार्यालय के बाहर रोते-बिलखते परिजनों ने हंगामा मचाया। बघुआरी गांव निवासी अजीत विश्वकर्मा गांव के ही विजय शंकर विश्वकर्मा का पिकअप चलाता था। गत 15 जून को वह संदिग्ध हाल में लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी कहीं पता न चलने पर अजीत के चाचा ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था। उनका कहना था कि 15 जून को अजीत के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया। विजय शंकर से वार्ता का हवाला देते हुए उसे पिकअप लेकर धर्मशाला चौक आने के लिए कहा गया। वहां से पिकअप पर शादी में मिले उपहार लादकर मप्र के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में जाना था। इस फोन के बाद अजीत पिकअप लेकर निकला, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया। कई दिनों बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर गत शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ पुलिस ऑफिस पहुंचकर परिजनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया था। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया। जांच तेज हुई तो पिकअप चालक की अपहरण के बाद हत्या की बात सामने आई। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि भाड़े पर पिकअप ले जाने वालों ने उसी दिन रास्ते में बीयर पिलाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को चुनार के पास गंगा नदी में फेंक दिया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पिकअप को लूटना चाहते थे। एक आरोपी का कुछ माह पहले अजीत से विवाद भी हुआ था। घटना के पीछे दोनों कारण रहे। एनडीआरएफ की मदद से शव की तलाश की जा रही है।