हार्दिक 2015 से नहीं हारे कोई IPL फाइनल, धोनी के पक्ष में यह संयोग

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आईपीएल 2023 का फाइनल गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा। मैच की शुरुआत शाम साढ़े सात बजे होगी। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम सात बजे होगा। जहां एक तरफ हार्दिक पांड्या के नेतृत्व में गुजरात एक मजबूत टीम बनकर उभरी है, वहीं दूसरी तरफ धोनी हैं, जिनके पास आईपीएल फाइनल खेलने का काफी अनुभव है और वह उस दबाव को झेलना जानते हैं। ऐसे में दोनों टीमों के बीच खिताबी मुकाबले में जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है। इस मैच से पहले हम आपको कुछ समीकरण बता रहे हैं जो दोनों टीमों के पक्ष में हैं। इस आप संयोग कहें या इत्तेफाक कि दोनों टीमों के समीकरण उन्हें चैंपियन बनता हुआ दिखा रहे हैं। आइए जानते हैं…

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गुजरात की टीम आईपीएल 2022 में पहली बार खेली थी और अपने पहले ही सीजन में हार्दिक के नेतृत्व में टीम चैंपियन बनी थी। यानी उसका आईपीएल फाइनल में जीत का 100 प्रतिशत रिकॉर्ड है। हार्दिक ने पिछले सीजन एक युवा टीम में जान फूंकी थी और इस सीजन भी उन्हें इस बात का फायदा मिला। नतीजा एक बार फिर गुजरात की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है। टीम पिछली बार की तरह इस सीजन भी 20 अंक लेकर लीग राउंड में अंक तालिका में शीर्ष पर रही थी। गुजरात के पास शुभमन गिल और ऋद्धिमान साहा जैसे खिलाड़ी हैं जो कि जरूरत के समय टीम की नैय्या पार लगा सकते हैं। साहा की 2014 आईपीएल फाइनल में खेली गई शतकीय पारी कौन भूल सकता है। इसके अलावा कप्तान हार्दिक पांड्या खुद गुजरात के एक्स-फैक्टर हैं। हार्दिक ने मुंबई इंडियंस की टीम से 2015 में आईपीएल डेब्यू किया था। इसके बाद से वह कभी आईपीएल फाइनल नहीं हारे हैं। 

2015 में मुंबई चैंपियन बनी थी। इसके बाद 2017 में भी मुंबई फाइनल में पहुंची और जीती। 2019 और 2020 में भी MI की टीम फाइनल में पहुंची और जीती थी। 2022 में हार्दिक गुजरात की टीम में शामिल हुए। तब भी गुजरात की टीम फाइनल में पहुंची और जीत हासिल की। ऐसे में हार्दिक एक बार फिर अपनी टीम को चैंपियन बनाने की कोशिश करेंगे और अपने रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेंगे। 
टीम के पास आशीष नेहरा के रूप में बेहतरीन कोच है, वहीं गैरी कर्स्टन के रूप में एक शानदार मेंटर भी है। कर्स्टन भारत को 2011 वर्ल्ड कप जिता चुके हैं। उन्हें पता है कि उन्हें खिलाड़ियों को किस तरह आत्मविश्वास से लबरेज रखना है। इतना ही नहीं गुजरात का चेन्नई के खिलाफ हेड टु हेड रिकॉर्ड भी शानदार है। दोनों अब तक चार बार आमने-सामने आ चुके हैं। इसमें से तीन मैच गुजरात ने और सिर्फ एक मैच चेन्नई ने अपने नाम किया है। सीएसके को यह जीत इसी सीजन क्वालिफायर-वन में मिली। 

अहमदाबाद में दोनों के बीच एक मैच खेला गया है। इस सीजन के पहले मुकाबले में गुजरात ने अपने होम ग्राउंड पर चेन्नई को पांच विकेट से हराया था। इसके अलावा शुभमन गिल का अहमदाबाद में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने यहां टी20 की 11 पारियों में 78.37 की औसत और 155.58 के स्ट्राइक रेट से 627 रन बनाए हैं। इनमें तीन अर्धशतक और दो शतक शामिल हैं। 126 रन अहमदाबाद में टी20 में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है।

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सबसे बड़ा एक्स-फैक्टर खुद कप्तान धोनी हैं। उनके पास जितना अनुभव है, शायद ही दोनों टीमों के किसी खिलाड़ी के पास उतना अनुभव होगा। धोनी 2008 से आईपीएल खेल रहे हैं और वह अपनी टीम को 14 में से 10 सीजन के फाइनल में पहुंचा चुके हैं। 2016 और 2017 में चेन्नई पर बैन लगा था। माही के पास 10 आईपीएल फाइनल खेलने का अनुभव है और वह जानते हैं कि अपने खिलाड़ियों से कैसा प्रदर्शन करवाना है। इन 10 में से चार बार चेन्नई की टीम चैंपियन बन चुकी है। 

धोनी की टीम इससे पहले पिछले पांच सीजन (2018 से लेकर 2022) में तीन बार फाइनल में पहुंची है और दो बार चैंपियन बनी है। 2018 और 2021 में धोनी के नेतृत्व में सीएसके ने खिताब पर कब्जा जमाया था। क्वालिफायर-वन में भी सीएसके की टीम गुजरात को हरा चुकी है। ऐसे में टीम और खिलाड़ियों के हौसले बुलंद होंगे। सीएसके की टीम एक बार फिर गुजरात को उसके होम ग्राउंड और दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में हजारों दर्शकों के बीच पांचवीं बार चैंपियन बनना चाहेगी। इसके अलावा आईपीएल में प्लेऑफ फॉर्मेट की शुरुआत 2011 में हुई थी। उससे पहले शीर्ष चार टीमों के बीच सेमीफाइनल मैच होते थे। प्लेऑफ फॉर्मेट आने के बाद चेन्नई की टीम तीन बार खिताब जीती। संयोग से हर बार वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी। ऐसे में इस बार भी फैंस को यह उम्मीद है कि चेन्नई अपने इस अनोखे रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगी।

  • 2011 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) पहले स्थान पर थी। उसके 14 मैच में 19 अंक थे। चेन्नई के 14 मैच में 18 अंक थे। इसके बाद क्वालिफायर-1 में दोनों का मुकाबला हुआ। चेन्नई आरसीबी को हराकर फाइनल में पहुंची। वहां उसने आरसीबी को हराकर खिताब पर कब्जा किया।
  • 2018 में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई के 14-14 मैचों के बाद 18-18 अंक थे। बेहतर नेट रनरेट के आधार पर हैदराबाद पहले स्थान पर था। चेन्नई ने क्वालिफायर-1 में उसे हरा दिया। फिर फाइनल में भी दोनों टीमें आमने-सामने हुईं। वहां चेन्नई ने जीत हासिल की।
  • 2021 में दिल्ली कैपिटल्स 20 अंकों के साथ पहले पायदान पर रही थी। चेन्नई के 18 अंक थे। चेन्नई ने क्वालिफायर-1 में दिल्ली कैपिटल्स को हराया। उसने फाइनल में कोलकाता नाइटराइडर्स को हराकर चौथी बार खिताब पर कब्जा किया।
  • 2021 में दिल्ली कैपिटल्स 20 अंकों के साथ पहले पायदान पर रही थी। चेन्नई के 18 अंक थे। चेन्नई ने क्वालिफायर-1 में दिल्ली कैपिटल्स को हराया। उसने फाइनल में कोलकाता नाइटराइडर्स को हराकर चौथी बार खिताब पर कब्जा किया।

चेन्नई की टीम जब-जब क्वालिफायर-वन जीतकर फाइनल में पहुंची है, ऐसे में सिर्फ उसने सिर्फ एक फाइनल गंवाया है। 2013 में चेन्नई और मुंबई के बीच क्वालिफायर-वन खेला गया था, जिसमें सीएसके ने जीत हासिल की थी, लेकिन फाइनल में एमआई ने चेन्नई को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा सीएसके की टीम 2011, 2018 और 2021 में भी क्वालिफायर-वन जीतकर फाइनल में पहुंची थी और चैंपियन बनी थी। इस बार भी फैंस यही उम्मीद कर रहे होंगे कि चेन्नई की टीम पांचवीं बार खिताब पर कब्जा जमाए।

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