मशरूम की खेती को बढ़ावा देने हेतु दो परियोजनाओं की घोषणाः राज्य मंत्री

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बदायूं।
 जनपद में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्य अतिथि ने एक करोड़ रुपए की लागत से योजनाएं तथा मिनी सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की घोषणा की। जनपद में मशरूम विकासखंड सालारपुर के विजय नगला एवं पलिया झंडा, विकासखंड समरेर के ग्राम कोनी जफराबाद, विकासखंड कादरचैक के ग्राम सदाठेर एवं विकासखंड उझानी के ग्राम जिरौली सहित 510 यूनिटों में लगभग 10200 कुन्तल उत्पादन होता है।

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मशरूम हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मशरूम में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों की मानव शरीर की जरूरत पूरी होती है। रोजगार के क्षेत्र में नवयुवक एवं नवयुवतियों को एक नयी दिशा प्रदान होगी। मशरूम का व्यवसाय बहुत ही लाभकारी है। इसको छोटे स्तर पर प्रारम्भ कर अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। आर फेक प्रशिक्षण के अन्तर्गत मशरूम के उत्पादन में सहयोग एवं विपणन में सहयोग करने के सदैव अग्रणी रहेगा।  मुख्य उद्देश्य कुपोषण को भगाना गृहिणी की रसोई में मशरूम पहुँचाना रहेगा।


मशरूम उत्पादन की जानकारी देते हुए कृषकों को बताया गया कि एक कमरे में भी उगाया जा सकता है। इसको उगाकर किसान अपनी आय दोगुनी ही नहीं चार गुनी कर सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी है, जिस हिसाब से बाजार में इसकी मांग है, उस हिसाब से अभी इसका उत्पादन नहीं हो रहा है, ऐसे में किसान मशरूम की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। तीन तरह के मशरूम का उत्पादन होता है।  सितम्बर महीने से 15 नवंबर तक ढिगरी मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं

इसके बाद आप बटन मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं, फरवरी-मार्च तक ये फसल चलती है , इसके बाद मिल्की मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं जो जून जुलाई तक चलता है। इस तरह आप साल भर मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं। ओयस्टर मशरूम की खेती बड़ी आसान और सस्ती है। इसमें दूसरे मशरूम की तुलना में औषधीय गुण भी अधिक होते हैं ।


मशरूम खाने से कुपोषण से बचाव, हदय रोगों की रोकथाम,  मधुमेह से बचाव, मोटापे को कम करें, हीमोग्लोबिन बढ़ाए, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए,  फंगल इन्फेक्शन से बचाव, ट्यूमर की रोकथाम, पेट की परेशानियों से छुटकारा शर्करा व कोलेस्ट्राल की कम मात्रा, सुपाच्य रेशों की बहुलता, पौष्टिक होने के कारण वृद्धावस्था, गर्भवती महिलाओं, बाल्यावस्था, युवावस्था के लिए एक आदर्श आहार है ।


   शनिवार को कृष्णा लॉन में मशरूम महोत्सव कार्यक्रम का मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री राम चैहान ने उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास राज्य मंत्री महेश चन्द्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारतीय, पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक, उत्तर प्रदेश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग निदेशक डॉ0 आर0के0 तोमर, आर फ्रेक के निदेशक एसके चैहान, बरेली मंडल बरेली के मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद, जिलाधिकारी कुमार प्रशांत, मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत, बरेली मंडल बरेली की उप निदेशक उद्यान पूजा, कृषि उप निदेशक डॉ0 रामवीर कटारा, जिला उद्यान अधिकारी डॉ0 सुनील कुमार एवं जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ 28 फरवरी तक चलने वाले मशरुम महोत्सव कार्यक्रम का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रदेश का प्रथम मशरुम महोत्सव का आयोजन शुभारम्भ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती के समक्ष प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कर मशरुम का लोको को भी लांच किया। मशरूम महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विस्तार से किसानों को जानकारी दी गई। मशरूम महोत्सव पर आधारित जनपद की लघु फिल्म किसानों को दिखाई गई।  


मुख्य अतिथि ने कहा कि मशरूम उत्पादन करने से किसानों की आय में कई गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं मशरूम में ही नहीं बल्कि बागवानी साग सब्जी आज चलाई जा रही है जिसका किसान भरपूर फायदा उठाएं। केन्द्र एवं राज्य सरकार किसानों को विभिन्न प्रकार की योजनाएं देने के लिए तैयार है जिसका लाभ सीधे उन तक मिल रहा है। बेमौसम साग सब्जी उगाने के लिए पाली हाउस का प्रयोग करें जिसके बनाने के लिए सरकार लागत का आधा अनुदान देती है। अन्य विभिन्न प्रकार की योजना पर 40 प्रतिशत का अनुदान देती है। मशरूम में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व होते हैं जो खाने से शरीर को लाभ पहुंचाते हैं। मशरूम खाने से कार्य करने की क्षमता बढ़ती हैं और शरीर में प्रतिरोधक क्षमता भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि मांस खाने वाले लोग जब उनको कोई विकल्प नहीं मिलता है तो वह मशरूम को खाते हैं। मशरूम उत्पादकों को बिक्री में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी मंडी में बेचने के लिए निःशुल्क चबूतरे की भी व्यवस्था की जाएगी। किसान अपने मशरूम उत्पाद को अच्छे मूल्य में बेंच सकेंगे। किसान हमारा अन्नदाता है इसको सभी प्रकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। किसान आय को दोगुना करने के लिए पशु, मधुमक्खी, मत्स्य एवं बकरी पालन आदि करके अपनी आए बढ़ा सकते हैं। मशरूम के विभिन्न प्रकार के पकवान जैम जेली आज विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनपद बदायूं जिला मेंथा उत्पादन में जैसे नंबर एक पर है उसी तरीके से मशरूम उत्पादन में भी नंबर एक पर है। मंत्री ने जनपद में मशरूम की खेती को प्रोत्साहन के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादकों को अधिकतम तक का अनुदान मिलेगा। किसान जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए इस प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाएं। किसान लाभ उठाने के लिए अपने आवेदन करें। मशरूम की खेती में प्रगति, उत्थान और विकास हो। उन्होंने मिनी सेंटर आफ एक्सीलेंस की घोषणा करते हुए कहा इससे किसानों को और अधिक लाभ मिलेगा। किसान मशरूम की खेती करके और आगे बढ़े जनपद का तथा प्रदेश का विकास हो।
नगर विकास राज्य मंत्री ने कहा कि देश और खुशहाली का रास्ता है जो गांव से होकर जाता है। किसान दिनों दिन उन्नति करें। उन्होंने कहा कि मोदी एवं योगी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। उसी दिशा में उत्तर प्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। पहले लोग प्रदेश से बाहर जाते थे तो अपना नाम बताने से बचते थे आज पूरे देश में प्रदेश का नाम बताने में कोई झिझकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मेहनत से अच्छा कार्य करें तो देश अपना विश्व शिखर पर पहुंचेगा।
दातागंज विधायक ने कहा कि मेंथा एवं मशरुम उत्पादन में  हमारा सौभाग्य है कि हमारे जनपद में सभी प्रकार की फसलें बड़े पैमाने पर उगती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में मशरूम की फसल भी एक मील का पत्थर साबित होगी। किसान कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग की अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ उठाएं और अपनी आय में वृद्धि करें। सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए वचन बद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसानों की बातों को हमेशा आगे रखकर उस प्रकार करते हैं। किसान मेहनत से कार्य कर के प्रगति छोड़ने का कार्य कर रहा है। मशरूम की खेती कम क्षेत्रफल में करने से बहुत अधिक मुनाफा होता है। मशरूम खाने से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।


शेखुपुर विधायक ने कहा कि बदायूं जनपद हमेशा किसी न किसी कार्य में अग्रणी रहा है। कृषि के क्षेत्र में जनपद में मेंथा उत्पाद में देश दुनिया में स्थान बनाया है। उसी तरीके से अब मशरूम उत्पादन कर स्थान बनाएंगे। जनपद धान गन्ना गेहूं आदि फसलों में आग्रणी है उसी तरीके से अब मशरूम में भी आग्रणी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जब तक किसानों के चेहरे पर चमक नहीं आएगी जब तक देश आगे नहीं बढ़ेंगा। भारत कृषि प्रधान देश है किसानों की आय दोगुनी हो।
उत्तर प्रदेश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभागनिवेदक ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को  योजनाओं के संबंध में जानकारी करनी हो तो 9415520162 पर कॉल एवं व्हाट्सएप कर सकते हैं। मशरूम, शिमला मिर्च, बागवानी, फूलों की खेती करे या प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं हर समय हर संभव मदद की जागी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मशरूम की खेती के लिए किसानों को और आगे बढ़ाएं और सकारात्मक रुख अपनाएं।  मशरूम उत्पादन में किसान जनपद को आगे बढ़ाएं। कम खेती वाले किसान मशरूम की खेती करके अच्छा लाभ उठा सकते हैं। परंपरागत खेती छोड़कर मशरूम की खेती अपनाएं जिससे उनकी आय में तीव्रता से वृद्धि होगी। सभी सरकारी योजनाओं में किसानों को प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। मशरूम उगाना कोई बहुत कठिन काम नहीं है। मशरूम की खेती करें बाजार में अच्छा लाभ मिल रहा है, जिसमें किसानों की निश्चित ही आय बढ़ेगी। मशरूम में प्रोटीन, फाइबर आदि लाभकारी बहुत से पदार्थ होते हैं। खेती की नई नई विधा अपनाकर लाभ उठाएं।
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