अयोध्या में राम मन्दिर की शिला पूजन, गर्भगृह का निर्माण का कार्य शुरू

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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा की राम मंदिर राष्ट्रमंदिर होगा- निर्भय सक्सेना

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बरेली। अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए आज एक जून 2022 बुधवार का दिन भी इतिहास में दर्ज हो गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मंत्रोचार के साथ राम शिलाओ का पूजन कर मंदिर के गर्भगृह की आधारशिला रखी। इस अवसर पर महंत नृत्य गोपाल दास, श्री राम जन्म भूमि तीर्थ न्यास क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय, प्रदेश के उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित मंदिर आंदोलन से जुड़े कई लोग गर्भगृह नीव की शिला रखे जाने के साक्षी रहे। मुख्यमंत्री योगी जी ने कहा की भगवान राम का मंदिर राष्ट्रमंदिर होगा। इस अवसर पर मंदिर निर्माण में लगे इंजीनियर एवम कुछ मजदूरों को भी अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। अब उम्मीद जताई जा रही है की वर्ष 2024 के प्रारंभ में रामलला अपने भव्य गर्भगृह में विराजमान हो जायेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा की यह हम सबका सौभाग्य ही है की हम लोग अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य होता देख रहे हैं। इस भव्य राम मंदिर का गर्भगृह 20 गुणा 20 फिट का होगा जिसकी दीवार 6 फिट चौड़ी होंगी जिसमे राजस्थान के भरतपुर के बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थर को नक्काशीदार बनाकर उन शिलाओं का प्रयोग होगा। अयोध्या का निर्माणाधीन भगवान राममंदिर तकनीक के मामले में भी उन्नत होगा। भगवान रामलला के बनने वाले गर्भगृह में मकराना के संगमरमर का प्रयोग होगा। राम मंदिर में दर्शन के लिए 32 सीढ़ियां चढ़कर ही भगवान रामलला के दर्शनलाभ भक्तो को होंगे। ऐसा बताया जा रहा ही कि रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें रामलला तक पहुंचा करेंगी। स्मरण रहे पिछली राम नवमी पर राम मन्दिर में पीले वस्त्रों से भगवान राम का श्रृंगार हुआ था। अयोध्या में कोविड की छूट के बाद भी भीषण गर्मी में भी रामभक्तों का रैला अब बढ़ता ही जा रहा। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद चल रही है। अब बताया जा रहा ही कि अगले वर्षों की मकर संक्रांति तक मंदिर का गर्भगृह को तैयार कर लिया जायेगा। स्मरण रहे आज बुधवार को राम जन्मभूमि परिसर में भगवान राम मन्दिर के गर्भगृह का शिला पूजन के बाद निर्माण का कार्य प्रारम्भ हो गया। श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पतराय के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2023 तक गर्भ गृह का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। बाद में राममंदिर के परिक्रमा, रंगमंडप, नृत्य मंडप और सिंह द्वार का निर्माण होगा।
वर्तमान में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्माण के लिए 21 फुट ऊंचे मंदिर के चबूतरे का निर्माण कार्य ही पूरा हुआ है। मंदिर के भूतल निर्माण में लगने वाले पत्थरों को राजस्थान के भरतपुर से श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर लाया जा रहा है। चबूतरा निर्माण कार्य के पूरा होने पर ही आज से भव्य पूजन के बाद मंदिर के गर्भ गृह के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। श्री राम मंदिर न्यास के अनुसार आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर लगने वाली अचार संहिता से पहले राममंदिर के भूतल का निर्माण पूरा किये जाने पर अब जोर दिया गया है।
नियासी चंपत राय ने भगवान राम मंदिर निर्माण पर चर्चा करते मीडिया को बताया था कि ट्रस्ट आदि ने 36 वर्षों से अयोध्या के राम मंदिर की लड़ाई लड़ी थी। राम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन राम मंदिर का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है। 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 40 फुट गहराई तक नींव डाली गई है। राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा होते ही उसका विशाल स्वरूप हम सब के सामने होगा।

निर्भय सक्सेना पत्रकार मोबाइल 9411005249

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