राष्ट्रधर्म के संपादक डॉ ओम प्रकाश पांडे को दिया गया अटल साहित्य सम्मान -21
बरेली । अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रांत बरेली द्वारा एक समारोह में लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार एवं राष्ट्रधर्म के संपादक डॉ ओम प्रकाश पांडे को अटल साहित्य सम्मान दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक ओमवीर, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुशील चंद्र द्विवेदी, डॉ शिव मंगल सिंह मंगल, साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा, डा एन एल शर्मा एव डॉ एस पी मौर्य द्वारा ओम प्रकाश पांडे को शाल ओढा कर सम्मान पत्र स्मृति चिन्ह एवं 5100 रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। स्थानीय केशव कृपा भवन के सभागार में हुए कार्यक्रम मोहन चंद्र पाण्डे की सरस्वती वन्दना से समारोह का शुभारम्भ हुआ। उमेश चंद्र गुप्त ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया । स्वागत भाषण साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष एस पी मौर्या ने दिया । आनन्द गौतम, राजीव श्रीवास्तव राज वीर सिंह डा दीपान्कर गुप्ता, रोहित राकेश तथा उपमेन्द्र सक्सेना ने अतिथियों का बैज अलंकरण एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया ।
प्रान्तीय अध्यक्ष सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेई राजनीति के अजातशत्रु तथा एक भावुक कवि थे। इसलिए ब्रज प्रांत उनके सम्मान में प्रतिवर्ष अटल साहित्य सम्मान का आयोजन करता है । सम्मान करने से पहले प्रांतीय उपाध्यक्ष आनंद गौतम ने डा ओम प्रकाश पांडे का संक्षिप्त जीवन परिचय प्रस्तुत किया । प्रान्तीय महामंत्री सन्तोष मिश्रा ने सम्मान पत्र का वाचन किया ।
अपने सम्मान से अभिभूत डा ओम प्रकाश पांडे ने कहा कि अटल विहारी बाजपेयी राजनीति में शुचिता के प्रतीक थे । अटल बिहारी बाजपेई राष्ट्र धर्म के प्रथम सम्पादक भी थे । उनके नाम पर सम्मान मिलना मेरे लिए गौरव की बात है ।

मुख्य अतिथि डा सुशील चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि साहित्य संस्कृति एवं संस्कारों का बाहक होता है । अपने अध्यक्षीय उदवोधन मे विभाग प्रचारक ओमवीर ने सभी साहित्यकारों से अनुरोध किया कि वह देश की संस्कृति, हमारे जीवन मूल्यों एवं हमारी विचारधारा को साहित्य के माध्यम से जन जन तक पहुंचाने का प्रयास करें । संरक्षक डॉ एन. एल. शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। सभी का आभार जिला मन्त्री राजीव श्रीवास्तव ने व्यक्त किया । पत्रकार निर्भय सक्सेना ने मुख्य अतिथि ओम प्रकाश पांडे को अपनी पुस्तक कलम बरेली की भेंट की।
कार्यक्रम में डॉ सी पी शर्मा, डा दीपंकर गुप्त, राजवीर सिंह, संजय पांडे गौहर, रणधीर प्रसाद गौड़, निर्भय सक्सेना, गुरविंदर सिंह, वीरेन्द्र अटल, विनोद कुमार गुप्ता राज बाला धैर्य, जितेन्द्र पाल सिंह चौहान, राम पाल सिंह, शिशु पाल सिंह, राधेश्याम गुप्ता, सुमन्त माहेश्वरी, रवि प्रकाश शर्मा, शरद शर्मा, महेंद्र पाल राही, एस के अरोरा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।















































































