हिन्दी साहित्य की विभागीय प्रतियोगिताओं में स्नेहा पांडेय ने लहराया परचम

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बदायूं। राजकीय महाविद्यालय,आवास विकास में हिंदी साहित्य परिषद के तत्वावधान में भाषण,निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सभी प्रतियोगिताओं में बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा स्नेहा पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ प्रेमचंद चौधरी के निर्देशन में संपन्न हुई “साहित्य समाज का दर्पण है” विषय पर भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान जहां स्नेहा पांडेय को मिला वहीं दूसरे स्थान पर बीए भाग दो की छात्रा दिव्या राजपूत रही। तीसरा स्थान संयुक्त रूप से वर्षा सोलंकी एवं इशराक अहमद को प्राप्त हुआ। निर्णायक की भूमिका का निर्वहन डॉ अंशु सत्यार्थी, डॉ संजय कुमार एवं डॉ दिलीप कुमार वर्मा ने किया।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम का संचालन डॉ राकेश कुमार जायसवाल ने किया।

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क्विज कंपटीशन में स्नेहा पांडेय के साथ बीए प्रथम सेमेस्टर की शिल्पी सिंह ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर 5 प्रतिभागियों ने सफलता प्राप्त की, इसमें दिव्या राजपूत,जतिन कुमार, वर्षा सोलंकी, नेहा शाक्य और मंजू वर्मा शामिल हैं। तीसरे स्थान पर 4 प्रतिभागियों ने सफलता प्राप्त की इसमें इशराक अहमद, एकता सक्सेना सचिन यादव एवं सोनम ठाकुर शामिल हैं।
“हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का योगदान” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता मैं भी पहला स्थान स्नेहा पांडेय को प्राप्त हुआ। दूसरे स्थान पर बीए द्वितीय वर्ष की अलका शँखधार एवं इशराक अहमद तथा बीए प्रथम सेमेस्टर की शिल्पी सिंह रही। तीसरे स्थान पर बीए द्वितीय वर्ष की दिव्या राजपूत व एकता सक्सेना के साथ बीए द्वितीय वर्ष की सोनम रही।


इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रेमचंद चौधरी ने कहा कि समाज रूपी शरीर की आत्मा साहित्य है।जिस देश के पास जितना उन्नत और समृद्धशाली साहित्य उपलब्ध होगा वह देश उतना ही अधिक उन्नत और समृद्ध समझा जाएगा। प्रभारी प्राचार्य डॉ अंशु सत्यार्थी ने कहा कि साहित्यकार समाज से कभी अलग नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि किसी भी साहित्य का सृजन जनजीवन की धरातल पर ही होता है।समाज की गरिमा,संपन्नता,मान मर्यादा आदि साहित्य पर निर्भर है।डॉ संजय कुमार ने कहा कि साहित्य, कला व संगीत के अभाव में मनुष्य पशु के समान है। इस अवसर पर इस अवसर पर डॉ ज्योति विश्नोई, डॉ राजधारी यादव, डॉ गौरव सिंह, डॉ नीरज कुमार,अंशुल कुमार,बलराम यादव,अनुज प्रताप सिंह,गोविन्द शर्मा, दीक्षा सक्सेना, संजना चौहान,आरती यादव,धर्मेंद्र सिंह,अंजली श्रीवास्तव, रागिनी,ज्योति आदि उपस्थित थे।

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