सरकार ने दिया मुझे पक्का घर, जीवन भर रहुंगी आभारी
बदायूं।इंसान की मूलभूत जरूरतें रोटी, कपड़ा और मकान हैं। रोटी और कपड़ों की व्यवस्था तो इंसान किसी न किसी तरह से कर लेता है, लेकिन मकान बनाना एक सपना गरीब परिवार के लिए सपने की तरह ही होता है, जो लंबे समय तक साकार नहीं हो पाता। ग्राम पंचयात ढेल राजस्व गांव सून बूटी निवासी हरप्यारी पत्नी नेकसू के अपने खुद के पक्के मकान में रहने का सपना आज पूरा हो चुका है। अपनी आपबीती बताते हुए हरप्यारी की आंख से खुशी के आंसू छलक उठे।
हरप्यारी कहती हैं कि मैं अपने पांच छोटे छोटे बच्चों के साथ छप्पर की झोपड़ी में रहती थी, बरसात और सर्दी के दिनों में हमें मौसम की मार झेलना पड़ती थी। बरसात के दिनों में मैं अपनी झोपड़ी को देखकर बहुत परेशान होती थी, बरसात में अक्सर घर टपकने लगता था, अक्सर ऐसा होता था कि हमारे कपड़े खाने का सामान सभी चीजें पानी की वजह से खराब हो जाती थीं। यह डर हमेशा बना रहता था और इस परेशानी को देखकर कभी कभी मुझे रोना भी आता था। फिर मुझे किसी ने मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में बताया। मैंने आवेदन किया और कुछ ही दिनों में मुझे पक्का घर बनवाने के लिए धनराशि सीधे मेरे बैंक खाते में मिल गई। आज मोदी के कारण मैं अपने पक्के घर में अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पक्के मकान में सम्मान के साथ खुशी खुशी रहती हूँ। अब मौसम का डर नही लगता। मैं जीवनभर मोदी और योगी की आभारी रहुंगी, जिनकी वजह से मेरे अंधेरे जीवन में उजाला हो गया। सरकार का यह उपकार मैं कभी नहीं भूलुंगी।

वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी मोहल्ला ऊपरपारा वार्ड नं0 17, नगर पालिका परिषद बदायूँ निवासी इरफान पुत्र गफ्फार का कहना है कि मैं पहले कच्चे घर में रहता था, जिसकी छत बल्ले व कड़ियों की मिटटी की थी। बारिश के मौसम बहुत दिक्कत और परेशानियां उठानी पड़ती थीं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ मिलते ही आज हमारा घर पक्का हो गया है, सरकार के इस अनुदान राशि से और अपनी कुछ धनराशि मिलाकर आज हम पक्के आवास में रह रहे हैं जिससे आज समाज में हमारी इज्जत और भी पहले से बढ़ गई है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करता हूँ।













































































