एच.पी. इण्टरनेशनल स्कूल में तीन दिवसीय हिन्दुस्तान स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
बदायूं।आज एच.पी. इण्टरनेशनल स्कूल में तीन दिवसीय हिन्दुस्तान स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन विद्यालय के संस्थपक हर प्रसाद सिंह पटेल , महाप्रबंधक शिवम पटेल , निदेशिका सेजल पटेल , हिमांशु सक्सेना (राज्य कमिश्नर हिन्दुस्तान स्काउट) एवं प्रधानाचार्य विल्सन राजन ने किया। प्रशिक्षण शिविर में हिमांशु सक्सेना (राज्य कमिश्नर स्काउट) ने सर्वप्रथम छात्र-छात्राओं को हिन्दुस्तान स्काउट एवं गाइड संघ की प्रार्थना कराई तथा स्काउट एवं गाइड के नियम बताए। इस प्रशिक्षण शिविर में एच.पी. इण्टरनेशनल स्कूल के कक्षा 6 से कक्षा 9 तथा कक्षा 11 के सभी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में अल्का मिश्रा (डिवीज़नल कमांडेट स्काउट गाइड-बरेली) ने बताया कि किस तरह से स्काउट गाइड विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं उन्होंने कहा कि दूसरों की सेवा करना ही गाइडिंग का मूलमंत्र है इसे हर छात्र-छात्रा को अपनाना चाहिए। स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षिका ने बताया कि हम सभी छात्र-छात्राओं को इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में गाँठ, बंधन, मीनार निर्माण, साहसिक कार्य, तम्बू व पुल निर्माण तथा बिना बर्तन के भोजन करना भी बताऐंगे।

हिन्दुस्तान स्काउट एवं गाइड संघ के ख्यालीराम वर्मा (ज़िला संयोजक स्काउट एवं गाइड-बदायूँ) एवं यश ठाकुर (कमांडेट स्काउट-बदायूँ) ने इसका इतिहास बताते हुए कहा कि स्काउट एवं गाइड आंदोलन वर्ष 1908 में ब्रिटेन में ‘सर बेडेन पावेल‘ द्वारा आरम्भ किया गया, धीरे-धीरे यह आंदोलन हर एक सुसंगठित राष्ट्र में फैलने लगा, जिसमें भारत भी शामिल था। भारम में इस संगठन की स्थापना 07 नवम्बर 1950 को स्वतन्त्र भारत में जवाहर लाल नेहरू, मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद तथा मंगल दास पकवासा के द्वारा की गयी।
स्काउट एवं गाइड शिविर के तीन दिवसीय प्रशिक्षण लेने के लिए एच.पी. इण्टरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। बच्चों ने पूर्ण मनोयोग से इस प्रशिक्षण को सीखा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के महाप्रबंधक शिवम पटेल, प्रबंधिका सेजल पटेल ने छात्र-छात्राओं का मनोबल तथा उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि विद्यालय द्वारा आयोजित ऐसी गतिविधियों में भाग लेकर तथा प्रशिक्षण शिविर में सीखे गए ज्ञान को अपने जीवन में उतार जीवन के हर क्षेत्र में देश के प्रति अपने दायित्व प्रेम और भक्ति को पूर्ण निष्ठा के साथ निभा सकते हैं तथा एक आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं।













































































