लखनऊ, एसजीपीजीआई: संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में आयोजित की जा रही नर्सिंग ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया को एक बड़ा झटका लगा है। परीक्षा के दूसरे चरण को तकनीकी खराबी और संभावित अनियमितताओं के चलते तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश भर से आए हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असमंजस के बादल मंडराने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
संस्थान द्वारा नर्सिंग ऑफिसर के रिक्त पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही थी। तय कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हुई। हालांकि, परीक्षा शुरू होते ही कई केंद्रों से तकनीकी व्यवधान, सर्वर डाउन होने और कंप्यूटर प्रणालियों के अचानक बंद होने की शिकायतें मिलने लगीं।
इसके अलावा, कुछ केंद्रों पर अव्यवस्था और प्रशासनिक खामियों के कारण पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होने लगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान समय पर तकनीकी सहायता नहीं मिली, जिससे उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और कई अभ्यर्थी अपना पेपर पूरा भी नहीं कर पाए।
अभ्यर्थियों में भारी रोष और निराशा
परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही केंद्रों के बाहर जमा हजारों अभ्यर्थियों में निराशा और भारी गुस्सा देखा गया। दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने बताया कि वे महीनों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि:
- आर्थिक और मानसिक बोझ: लंबी यात्रा, रहने-खाने के इंतजाम और महीनों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया है।
- पारदर्शिता पर सवाल: बार-बार कंप्यूटर बेस्ड परीक्षाओं में इस तरह की तकनीकी कमियां प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलती हैं।
- समय की बर्बादी: परीक्षा रद्द होने से न केवल समय का नुकसान हुआ है, बल्कि अगली तारीख को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रशासन का रुख और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद संस्थान प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामियों की पुष्टि होने के बाद पूरी परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परीक्षा कराने वाली एजेंसी से जवाब तलब किया गया है और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो। संस्थान जल्द ही नई तिथियों और केंद्रों का विवरण जारी करेगा, ताकि अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
फिलहाल, इस पूरे वाकये ने भर्ती परीक्षाओं के संचालन और डिजिटल बुनियादी ढांचे की मजबूती पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों युवा अब निष्पक्ष और बाधा रहित पुनः परीक्षा की उम्मीद में नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं।


























































































