सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में तीन दिवसीय वीबीएस-2026 का जोशपूर्ण समापन, 250 बच्चों ने लिया भाग
बदायूं। सिविल लाइंस स्थित इन्द्रा चौक के सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में आयोजित तीन दिवसीय “वेकेशन बाइबल स्टडी (वीबीएस)-2026” कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी माहौल में समापन हो गया। बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक, संस्कारपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बदायूं, सहसवान, बिल्सी तथा आसपास के क्षेत्रों से लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर चर्च परिसर बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और रचनात्मक गतिविधियों से सराबोर दिखाई दिया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में खेल-कूद, संगीत, नृत्य, कला, समूह गतिविधियां, प्रेरणादायक कहानियां तथा बाइबिल अध्ययन के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
जिला अधीक्षक एवं मुख्य पादरी रेवरेंड सचिन रॉबिन्सन ने बताया कि वीबीएस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करना तथा अवकाश के समय को उपयोगी एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में बच्चों को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं बल्कि नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों की भी आवश्यकता है, जिससे वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम के अंतिम दिन की मुख्य वक्ता शोभा फ्रांसिस ने बच्चों को संबोधित करते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने राजा दाऊद और राजा सुलैमान के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, माता-पिता के सम्मान और नैतिक जीवन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान से नहीं बल्कि अच्छे संस्कारों और सकारात्मक सोच से भी प्राप्त होती है।तीन दिवसीय आयोजन के दौरान स्वयंसेवी युवाओं द्वारा संचालित विभिन्न रचनात्मक एवं क्रियात्मक कक्षाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने चित्रकला, गायन, नृत्य, समूह खेल, क्विज प्रतियोगिता तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए चर्च प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए प्रतिदिन शीतल पेयजल, ठंडे पेय पदार्थ एवं दोपहर के भोजन की विशेष व्यवस्था की गई, जिसकी अभिभावकों ने सराहना की।कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री आबिद रज़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। चर्च के मुख्य पादरी रेवरेंड सचिन रॉबिन्सन सहित शहर के विभिन्न चर्चों के पादरियों ने बुके और पुष्पमालाएं भेंट कर उनका स्वागत किया।अपने संबोधन में पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज की तरक्की शिक्षा और संस्कारों से ही संभव है।उन्होंने कहा कि ईसाई समाज का उन्हें सदैव स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है तथा वह भविष्य में भी समाज के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। चर्च परिसर की सड़क की समस्या और पेयजल सुविधा को लेकर रखी गई मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सड़क निर्माण एवं आरओ प्लांट की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में चर्च परिवार और ईसाई समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों का उत्साहवर्धन करने वालों में मार्था रॉबर्ट, सी.के. विर्शड, पास्टर रजनीश कुमार, पास्टर बॉबीन सिंह, पास्टर अशोक मसीह, पास्टर अभिषेक, पास्टर अजीत नंदा, डॉ. सोलोमन मौरिस, सुशांत सिंह, हर्षकांत सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
समापन समारोह में लोटनपुर चर्च के पास्टर अशोक मसीह, पनवड़िया चर्च के पास्टर रोबिन सिंह, एसोसिएट पास्टर अजीत नंदा, नीरज मसीह, शोभित सिंह, विजय मसीह, डॉ. दिनेश, सिलोचना जॉन तथा अन्य चर्च प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने खूब सराहा। उत्साह, अनुशासन और संस्कारों से परिपूर्ण इस आयोजन ने बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के मन पर भी गहरी छाप छोड़ी। चर्च प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।















































































