बरेली । अविनाश पांडे के स्पष्ट निर्देश और संघर्षशील प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के ‘विधानसभा घेराव’ के एक आह्वान ने ही लखनऊ की सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। जनआवाज़ से घबराई सरकार ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए कांग्रेस नेता निवर्तमान शहर अध्यक्ष अजय शुक्ला और युवा कांग्रेस पश्चिम के प्रदेश अध्यक्ष पारस शुक्ला को उनके ही निवास पर भारी पुलिस बल के साथ हाउस अरेस्ट कर दिया।और उनके निवास के बाहर ही पुलिस ने पहरा लगा दिया हैं। इसके साथ ही ज़ुबैर ख़ान, नौशाद अली ख़ान, सरफ़राज़ नेताजी, शमशेर ख़ान, सरफ़राज़ ख़ान, सरवत हाशमी, युवा कांग्रेस के अयान ख़ान, ताबिश हसन, मोहम्मद असजद, पंडित पंकज शर्मा सहित अनेक साथियों को भी घरों में नज़रबंद कर लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटने का प्रयास किया गया है। यह कार्रवाई साफ़ दर्शाती है कि सरकार जनता के सवालों से भाग रही है। लेकिन कांग्रेस का संघर्ष न कभी रुका है, न रुकेगा। लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने की हर कोशिश का जवाब संविधान और जनशक्ति से दिया जाएगा।