शाहजहांपुर में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा विद्यार्थी अपनी मेहनत एवं लगन से भाग्य का निर्माण स्वयं करें
शाहजहांपुर।विद्यार्थी अपनी मेहनत एवं लगन से अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करें। हम जो भी कर्म करते हैं, वे कभी न कभी प्रतिफलित होते हैं। उक्त उदगार प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के थे। मंत्री जी स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में आयोजित एक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प कभी व्यर्थ नहीं जाता। इसका जीता जागता उदाहरण है- स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज का राज्य विश्वविद्यालय के रूप में उच्चीकरण। उन्होंने कहा कि जनपद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने इस अवसर पर अपने भावुक उदगारों को व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बनने के उपरांत अब शनैःशनैः मेरी भूमिका का अंत हो रहा है। इससे आगे यह जनपद के नागरिकों, विद्यार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे शाहजहांपुर के शैक्षिक परिदृश्य को इस तरह से विकसित करें कि यहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी राष्ट्र की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो सकें। कॉलेज के समस्त संकाय प्रभारियों के द्वारा मंत्री जी को पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। स्वागत उदबोधन प्रबंध समिति के सचिव प्रो अवनीश मिश्र ने दिया, साथ ही उन्होंने मंत्री को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। एस एस कॉलेज के प्राचार्य प्रो आर के आजाद ने मंत्री जी को स्मृति चिन्ह तथा विधि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो जयशंकर ओझा ने दोनों महाविद्यालयों की प्रगति आख्या भेंट की। कॉलेज के उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य प्रो आर के आजाद ने किया। स्वागत गीत एवं राष्ट्रगीत डॉ कविता भटनागर ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अशोक अग्रवाल, सुरेश सिंघल, डॉ अमीर सिंह यादव, प्रो आलोक मिश्र, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो मधुकर श्याम शुक्ला, प्रो कमलेश गौतम, डॉ आलोक कुमार सिंह, डॉ आदर्श पांडेय, डॉ विकास खुराना, डॉ पवन गुप्ता, डॉ अनिल सिंह सहित मुमुक्षु शिक्षा संकुल की समस्त शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। गोष्ठी से पूर्व मंत्री ने संकुल की समस्त शिक्षण संस्थाओं का भ्रमण किया। उन्होंने पुस्तकालय, वाचनालय, क्रीड़ा स्थल, प्रयोगशालाओं सहित समस्त संसाधनों का गहन अवलोकन किया। इस अवसर पर उनके द्वारा श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के नवीन भवन का उदघाटन भी किया गया। प्रत्येक संस्था के शिक्षकों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।













































































