जहूर अंसारी के घर में सीता की लटकी मिली लाश ,पिता ने लगाया हत्या का आरोप
बरेली । थाना बिशारतगंज गंज क्षेत्र के गांव परा वहाउद्दिन नगर निवासी जहूर अंसारी उर्फ नन्हे के घर में सीता की लाश लटकी मिली, परिवार वालों ने लगाया जहूर अंसारी पर हत्या का आरोप घटनास्थल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। पति जहूर अंसारी उर्फ नन्हे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

मृतका के पिता मुकेश ने बताया गांव परावहाउद्दीनपुर निवासी जहूर उर्फ नन्हे टंकी निर्माण का काम करता है। उसने अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था। दो साल पहले वह इटावा जेल में टंकी बनाने गया था। वहां जेल में बंद राजस्थान के भरतपुर की पुष्प वाटिका कॉलोनी निवासी 37 साल की सीता से उसकी मुलाकात हुई। । सीता के पहले पति मुकेश के तीन बच्चे हैं। जहूर दोनों फोन से लगातार बात करने लगे दोनों में प्यार हो गया सीता अपने तीनों बच्चों के साथ एक साल से जहूर के साथ गांव में रहने लगी। कुछ दिन बाद से जहूर सीता के साथ झगड़ा करता था मारपीट भी करता था बुधवार को पति जहूर उर्फ नन्हे ने सीता की गला दबाकर हत्या कर दी।
जानकारी के अनुसार बताया कि जहूर और उसकी पत्नी सीता से झगड़ा हो गया गुस्सा में आकर सीता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी पुलिस ने जहूर अंसारी को हिरासत में ले लिया है। एक साल पहले जेल से रिहा होने पर सीता ने जहूर से शादी कर ली। जहूर ने बताया कि बुधवार को वह कासगंज के सेमरा मोची गांव में टंकी पर काम कर रहा था। दिन में सीता ने उसे कई बार कॉल की, परावहाउद्दीनपुर का मामला सालभर पहले राजस्थान की सीता को ले आया था जहूर लेकिन वह बात नहीं कर सका। गुस्साई सीता ने यह कहकर फोन काट दिया कि वह उसको जिंदा नहीं मिलेगी। शाम को जहूर घर आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो सीता छत के कुंडे के सहारे लटकी हुई थी। नीचे उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। ग्राम प्रधान वीरेंद्र शाक्य ने थाना पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी सतीश कुमार व सीओ आंवला नितिन कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि सीता के मायके वालों को सूचना दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व मायके वालों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मृतका के पति जहूर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया , परिवार बालो ने सीता का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के साथ रामगंगा पर किया।













































































