व्यापारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, सकारात्मक निर्णय की मांग
बरेली। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 8 जनवरी को राजधानी लखनऊ में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर के व्यापारियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के उपरांत वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान व्यापारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की ओर आकृष्ट कराया गया तथा इन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई गई।
व्यापारी संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जीएसटी विभाग द्वारा अनावश्यक नोटिस जारी कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिस पर रोक लगाने हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही बाजारों में सर्वे और सैंपलिंग के नाम पर अधिकारियों द्वारा की जा रही वसूली पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। मांग की गई कि बिना जिलाधिकारी की लिखित अनुमति एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की उपस्थिति के बिना किसी प्रकार की सैंपलिंग न की जाए।
ज्ञापन में नगर निगम द्वारा गृहकर, जलकर व संपत्ति कर के गलत बिल भेजे जाने तथा वर्षों तक शिकायतों के निस्तारण न होने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा निगम की दुकानों का किराया कई गुना बढ़ाए जाने को विधि विरुद्ध बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। सर्राफा व्यापारियों को प्राथमिकता पर शस्त्र लाइसेंस देने, व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने तथा उद्योग बंधु बैठकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
व्यापारियों ने प्रदेश के व्यापारियों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने, 60 वर्ष की आयु के बाद व्यापारी पेंशन लागू करने तथा किसी आपदा में दुकान नष्ट होने पर तत्काल मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र रस्तोगी, महानगर अध्यक्ष सुधीर गोयल सहित अंकुर सक्सेना, संजय आनंद, अभय अग्रवाल, मुकेश सिंघल, पवन निहलानी, मनीष रस्तोगी, सिराज अली, कमलजीत सिंह, योगेश सक्सेना, पराग रस्तोगी सहित कई व्यापारी नेता मौजूद रहे।













































































