बरेली। खंडेलवाल कॉलेज, बरेली में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर साक्षरता क्लब द्वारा “क्या शिक्षा ही मानवाधिकार सशक्तिकरण का मूल आधार है?” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवियों एवं एनसीसी कैडेट्स ने भाग लेते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने शिक्षा को मानवाधिकारों की जागरूकता, समान अवसरों की प्राप्ति, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि शिक्षित नागरिक ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार एवं प्राचार्य डॉ. आर. के. सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं बल्कि मानव गरिमा, समानता एवं सशक्तिकरण की नींव है। निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ. मोनिका सक्सेना एवं सौम्या मैसी द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें पक्ष में शील कटियार को प्रथम, अमित पटेल को द्वितीय, प्रियांशी को तृतीय तथा पियूष को सांत्वना पुरस्कार मिला, वहीं विपक्ष में सृष्टि शर्मा को प्रथम, पल्लवी शर्मा को द्वितीय, सुरुचि शर्मा को तृतीय और दिवाकर को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी पुरस्कार क्रम में उत्कृष्ट तार्किक प्रस्तुति और प्रभावी वाक्-कला के आधार पर अभय सिंह को सर्वश्रेष्ठ वक्ता का विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा दीक्षा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता सक्सेना द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. कल्पना कटियार, डॉ. शिवस्वरूप शर्मा , डॉ निशा दिनकर सहित समस्त प्रवक्ताओं एवं विद्यार्थियों का सहयोग रहा।