ममता सेवी संस्था का सरकारी योजनाओं के निशुल्क परामर्श को शिविर लगा,आयुष्मान कार्ड आदि बनाए
बदायूं।।प्रधानमंत्री के75 वें जन्मदिन पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत ‘ममता सेवी संस्था’ द्वारा निशुल्क शिविर डॉ नौगरैया के एस बी आई के पास स्थित आवास पर लगाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक डॉ सुरेश चंद्र नौगरैया के कर कमलों द्वारा किया गया ।डॉ नौगरैया ने कहा -‘ममता सेवी संस्था काफी समय से कार्य कर रही है । संस्था अपने उद्देश्य का ईमानदारी से निर्वहन कर रही है। जनता तक योजनाओं की जानकारी पहुंचना आवश्यक है तभी वह लाभ प्राप्त कर सकती है। ‘डॉ नौगरैया के करकमलों द्वारा प्रधानमंत्री के 75वें जन्मदिन पर लाभार्थियों को बिस्कुट,टाफी ,नीबू पानी वितरित कर शुभकामनाएं दीं गयीं।
अध्यक्ष डॉ ममता नौगरैया ने बताया -‘ ममता सेवी संस्था के अंतर्गत सुकन्या योजना समृद्धि योजना नाम से लोगों के अकाउंट खुलवाए गए। जिसमें संस्था के माध्यम से बच्चों के एकाउंट में धन का आना शुरू हो गया है।जिससे लोगों में उत्साह भी दिख रहा है। क्योंकि संस्था का उद्देश्य है जनता को सरकारी योजनाओं से अवगत कराना।’ संस्था की उपाध्यक्ष डॉ प्रतिभा मिश्रा ने कहा – हम लोग लगातार कई कैम्प लगाकर जनता को लाभकारी योजनाएं समझाकर धरातल पर कार्य करते हुए उचित पात्रों को लाभान्वित भी करवा चुके हैं। दीप्ति गुप्ता ने कहा मेहनत व लगन से किया गया कार्य हमेशा सफल ही होता है।मधु अग्रवाल चेयरपर्सन टिथोनस स्कूल ने कहा कि इस कैम्प का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 75 वें जन्मदिन पर ममता सेवी संस्था ने इस उत्तम कार्य को करते हुए लोगों तक ये संदेश पहुंचाना है कि हम लोग जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठायें। डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा हम अपने बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलवाकर भविष्य सुरक्षित कर सकने में समर्थ बनाते हैं। इस कैंप में इस बार सुकन्या योजना, सुमंगला योजना पर लगातार कार्य होने के बाद आयुष्मान कार्ड की जानकारी देकर लाभार्थियों के कार्ड बनाये गये जिसमें प्रीति, अनीता,वर्षा, उपासना,वेदन्या,कनक, काजल आदि सहित काफी लाभार्थी रहे। कुणाल,राहुल,सतीश,शहजाद हुसैन जितेन्द्र, रियाज़ आदि की भी उपस्थिति रही । कार्यक्रम में डॉ प्रतिभा गुप्ता व सरला देवी ने भी सहयोग दिया।
कार्यक्रम में जनसेवा से शुभम गुप्ता ने सभी के रजिस्ट्रेशन करते हुए फार्म की पूरी प्रक्रिया करते हुए फार्म आगे बढ़ाये।
कार्यक्रम की रुपरेखा ममता नौगरैया द्वारा व आभार डॉ. एस सी. नौगरैया द्वारा किया गया।













































































