बदायूं : राजाराम महिला इंटर कालेज की बालिका ने बहादुरी का परिचय दिया अपने साथ-साथ अपनी बहन को भी बचाया। कुछ दिन पहले शिक्षिकाओं के द्वारा दी गई सीख बालिका काम आईं। राजाराम महिला इंटर कालेज की कक्षा चार की 11 वर्षीय छात्रा शगूफी अपनी छोटी बहन इनाया के साथ अपने 10 वर्षीय भाई समीर की टीवी की दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आ रही थी। 27 अगस्त को नौ बजे के करीब शगूफी और उसकी बहन इनाया लालपुल की तरफ से आ रहे टेंपो में जिला अस्पताल के लिए बैठ गई। टेंपो चालक ने जालंधरी सराय चौराहे से टेंपो को शेखूपुर मार्ग की तरफ मोड़ दिया। जिस पर शगूफी ने टेंपो चालक से कहा कि यह तुम कहां ले जा रहे हो। तो उसने कहा शेखूपुर, तो शगूफी ने कहा कि हमें शेखूपुर नहीं जाना है। टेंपो रोको! टेंपो चालक ने अपना टेंपो और तेज दौड़ा दिया। छात्रा शगूफी को अपनी शिक्षिका चरनजीत कौर और संतोष यादव की गुड टच, बेड टच और अपराधिक घटनाओं से बचाव को लेकर दी गई सीख याद आई। उसने टेंपो चालक के इरादे समझ लिए और वह चलते टेंपो से कूद गई। शगूफी को चलते टेंपो से कूदता देख। आसपास के लोगों ने टेंपो को रुकवाया और उसकी छोटी बहन इनाया को टेंपो से उतारा। वहां मौजूद लोगों ने टेंपो चालक की पिटाई कर छोड़ दिया। शगूफी के टेंपो से कूदने पर बांए हाथ की कोहनी और सीधे पैर की एड़ी में गंभीर चोटें आईं। मौजूद लोगों उसको नजदीकी अस्पताल से दवा दिलवाई और शगूफी के पिता ऊपर पारा निवासी सलीम को फोन मिलाया। तो वह मथुरा में रहकर मेहनत मजदूरी का काम करते हैं, सूचना मिलने पर उसकी मां अमरीन वहां पहुंची और वहां मौजूद लोगों ने दोनों बच्चों शगूफी और इनाया को अमरीन को सौंप दिया। बच्चों को लेकर वह अपने घर पहुंची। यह घटना की जानकारी जब राजाराम महिला इंटर कालेज की प्रधानाचार्य डा.अनीता सिंह को पता चली तो बहादुर शगूफी के इलाज की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि बालिकाएं घबराएं नहीं। हर चुनौती का सामना करना सीखें। भारत स्काउट गाइड संस्था के जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार और पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने बहादुर छात्रा शगूफी को उसकी मां अमरीन के सम्मानित किया। इस मौके पर विद्यालय के तमाम शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।