खानकाह-ए-कादरिया ने पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू की बड़ी पेड़ रोपण मुहिम

बदायूं। भारत के प्रसिद्ध धार्मिक और सामाजिक केंद्र खानकाह-ए-कादरिया ने पर्यावरण को बचाने और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की है। इस पर गहन विचार किया गया साथ ही बताया कि इस खास जनजागरूकता कार्यक्रम’ के तहत पूरे देश में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे खानकाह-ए-कादरिया के साहिब- ए-सज्जादा व काजी-ए-जिला मौलाना अतीफ मियां कादरी ने इस जरूरत को गंभीरता से समझते हुए देशभर में मौजूद खानकाह के सभी अकीदतमंदों और अनुयायियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-आपने इलाकों में ज्यादा से ज्यादा पेड लगाएँ। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना हमारी धरती को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने का सबसे सार्थक और फायदेमंद कुदम है। पेड़ ही हैं जो हवा में फैल रही जहरीली कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हमें साफ हवा देते हैं औरग्लोबल वार्भिंग को रोकते हैं। शहर में स्थित कादरी दरगाह में बुधवार को पौधा रोपण कार्यक्रम के तहत इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आज यहां हजारों की संख्या में अकीद्तमंद दरगाह-ए- कादरिया पर पहुँचे एवं सभी ने एक-एक पेड़ लगाकर इस मुहिम की शुरुआत की। इस मौके पर कई बड़े अधिकारी और समाजसेवी भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अहमदमुजतबा सिद्दीकी ने प्रेस वार्ता कर कहा लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के बुरे असर और साल2030 से 2050 के बीच होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बतायाकि कैसे पेड़ लगाकर हम आने वाले इस खतरे को कम कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जलवायु परिवत्तन का मतलब है धरती के मौसम के व्यावहारिक तरीकों में लंबे समय तक होने वाला बदलाव ! इसमें तापमान का बढ़ना, बहुतजुयादा गमी या सदी पड़ना, भारी बारिश या सूखा पड़ना जैसी चीजें शामिल हैं। धरती कामौसम तो लाखों सालों से बदलता आया हैं, लेकिन आजकल यह बदलाव बहुत तेजी से होरहा है और इसकी एक बड़ी बजह इसान ही हैं। इस तेज बदलाव और ग्लोबल वार्मिंग कीसबसे बड़ी वजह है कोयला, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस जैसे फॉसिल फ्यूल का जलना। जबहम गाड़ियाँ चलाते हैं, बिजली बनाते हैं या कारखाने चलाते हैं, तो इन ईधनों को जलायाजाता है। इससे कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसें हवा में निकलती हैं। ये गैसेंसूरज की गर्मी को रोक लेती हैं, जिससे धरती गर्म होती जा रही है। विज्ञान इस बारे में साफ साफ कहता है कि जलवायु परिवर्तन सच है, यह अभी होरहा है और इसकी मुख्य वजह इंसानों के कामकाज हैं। भयंकर तुफानों से लेकर समुद्र केबढ़ते जलस्तर तक, इसके असर दुनिया भर में दिखने लगे हैं। लेकिन अभी भी देर नईहै। हम अगर जलवायु परिवर्तन के कारणों, असर और समाधानों को समझें, तो हमारे पासआगे आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी धरती को बचाने का मौका है। इस समस्या से निपटने का एक आसान और प्राकृतिक तरीका है पेड़ लगानা। पेड़ों को प्रकृति की ताकतवर दवा कहा जा सकता है। इस विषय में यह याद रखना भी जरूरी है कि सिर्फ पेड़ लगाना ही काफी नहीं है,उनका बचाब करना और उन्हें बड़ा होने देना भी उतना ही जरूरी है। हम सब छोटे-छोटेकदम उठाकर, जैसे कि पेड़ लगाकर, ऊर्जा की बचत करके और दूसरों को जागरूक करके,एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं और अपनी धरती को सुरक्षित रख सकते हैं। खानकाह-ए- कादरिया ने देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस मुहिमसे जुड़ें और अपने आस-पास ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर पर्यावरण को बचाने और दुनियाके सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट ) में अपना योगदान दें।