बदायूं। आज UPC स्कूल में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता एवं फेस मास्क प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु गणेश की वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात प्रतियोगिताएँ आरम्भ हुईं। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी कोमल उंगलियों और मासूम कल्पनाओं से भगवान गणेश की प्रतिमाएँ तैयार कीं। मिट्टी को आकार देते समय बच्चों की एकाग्रता और उत्साह देखते ही बनता था। किसी ने गणपति बप्पा को छोटे आसन पर बिठाया, तो किसी ने शंख, मोदक और मूषक के साथ उनकी प्रतिमा को सजाया। छोटे-छोटे हाथों से बनी ये प्रतिमाएँ भक्ति, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही थीं। फेस मास्क प्रतियोगिता में भी बच्चों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे और आकर्षक मास्क पहनकर जब बच्चे मंच पर आए, तो ऐसा लगा मानो पूरा विद्यालय भक्ति और आनंद के एक अद्भुत संसार में प्रवेश कर गया हो। किसी ने गणपति का मुखौटा बनाया, तो किसी ने त्योहार से जुड़े विभिन्न प्रतीकों को दर्शाया। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि ऐसे आयोजन बच्चों को केवल कला और प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ते हैं। बच्चों ने इस प्रक्रिया से धैर्य, एकाग्रता, मेहनत और सामूहिकता का महत्त्व सीखा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रांगण “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से गूंज उठा। हर ओर भक्ति, उल्लास और स्नेह का वातावरण बन गया। यह दिन बच्चों के लिए यादगार बन गया और सभी ने अनुभव किया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि त्योहारों और परंपराओं के माध्यम से जीवन मूल्यों का संचार भी करती है।