बदायूं : स्काउट भवन एवं प्रशिक्षण केंद्र पर बच्चों को राष्ट्रध्वज फहराने के नियमों, प्रणाम करने की ट्रेनिंग दी गई। स्काउट संस्था के पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रध्वज हमारे देश की आन, वान और शान का प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता, एकता, अखंडता और गौरव का जीवंत स्वरूप है। इसे देखकर हर भारतीय के हृदय में गर्व, सम्मान और देशभक्ति की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत देशभक्तों और क्रांतिकारियों ने राष्ट्रध्वज की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्त्तव्य है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रध्वज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक, स्वच्छ और सम्मानजनक स्थान पर सम्मान से फहराना चाहिए। राष्ट्रध्वज को फहराते समय केसरिया रंग की पट्टी ऊपर, बीच में सफेद, और नीचे हरे रंग की पट्टी होनी चाहिए, ध्वज के मध्य में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र हो। केसरिया रंग साहस और त्याग का, सफेद रंग शांति और सत्य का, जबकि हरा रंग जीवन, समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक है। अशोक चक्र के 24 आरे न्याय, गति और प्रगति के निरंतर प्रवाह का संदेश देते हैं। ध्वज को जमीन पर गिरने, पानी में भीगने नहीं देना चाहिए।जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने कहा कि राष्ट्रध्वज फहराने से पहले उसकी गरिमा का ध्यान रखना अनिवार्य है। ध्वजारोहण के समय नागरिकों को सावधान मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान गाना चाहिए, जिससे देशभक्ति की भावना और अधिक प्रबल हो।कार्यालय अधीक्षक पूर्वी सक्सेना ने कहा कि तिरंगे की प्रतिष्ठा बनाए रखना हमारे पूर्वजों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। जब तक तिरंगा शान से लहराता रहेगा, तब तक देश की आत्मा जीवित रहेगी और भारतीयता का गौरव अमर रहेगा।बच्चों ने राष्ट्रध्वज को सम्मान से फहराने, अवतरण करने, प्रणाम और तय करने का तरीका जाना। इस मौके पर नेत्रपाल, सुमित भारद्वाज, रोशनी, अनुष्का, रेनू, सचिन पाल, रुचित, हिमांशु कश्यप आदि मौजूद रहे।