बेउर जेल से प्रतिबंधित सामग्री बरामद, डिप्टी CM सम्राट चौधरी का टिप्पणी: “अपराधी पाताल में भी छिपा हो, उसे खोज निकालेंगे”

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पटना। राजधानी पटना के चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न सिर्फ पुलिस और प्रशासन हरकत में आया है, बल्कि राज्य सरकार ने भी इसे चुनौतीपूर्ण मामला मानते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। घटना के 36 घंटे बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हत्याकांड को ‘सरकार के लिए चुनौती’ बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराधी चाहे जहां भी छिपे हों, बख्शे नहीं जाएंगे। सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया कि बिहार पुलिस आम व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गोपाल खेमका की हत्या हमारे लिए चुनौती का विषय है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एसआईटी का गठन किया है और स्पष्ट निर्देश दिया है कि कहीं भी छिपा अपराधी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, वे बख्शे नहीं जाएंगे। बिहार पुलिस पूर्ण रूप से आम व्यवसायियों की सुरक्षा करेगी और पूरी तरह यह सुनिश्चित भी करेगी कि आगे के दिनों में इस तरह की कोई घटना नहीं हो। इस घटना की तह तक जाने की सरकार काम करेगी। चाहे अपराधी हों या अपराध रचने वाले लोग हों, सबको चुन-चुन के निकालने का काम किया जाएगा।

बेउर जेल में बड़ी छापामारी, तीन कक्षपाल निलंबित

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गोपाल खेमका हत्याकांड के संदर्भ में पटना के आदर्श केन्द्रीय कारा बेउर में की गई औचक छापामारी से हड़कंप मच गया। पटना प्रमंडल के आयुक्त और प्रक्षेत्र के महानिरीक्षक के नेतृत्व में की गई इस छापामारी में तीन मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई है। जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा ने पुष्टि की कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में कक्षपाल अंतोष कुमार सिंह, आशीष कुमार और ओम कुमार गुप्ता को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दफा प्रभारी गिरीज यादव, वरिष्ठ प्रभारी नीरज कुमार रजक और जेल उपाधीक्षक अजय कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच में यदि अन्य कर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छापामारी के दौरान प्रशासन ने करीब 100 कैदियों से पूछताछ की है, जो इस हत्याकांड की जांच को एक नई दिशा दे सकता है। जेल में मोबाइल की लगातार बरामदगी और बढ़ती अनुशासनहीनता पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

36 घंटे बाद भी खाली हाथ पटना पुलिस, तेज हुई छापामारी
गोपाल खेमका की हत्या को 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर है। पटना पुलिस की इस निष्क्रियता पर अब जनता और मीडिया के बीच आलोचना तेज हो गई है। पटना प्रक्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना एसएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है, जो इस हत्याकांड की तह तक जाकर सच्चाई उजागर करेगी। बीती रात पुलिस टीमों ने पटना और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर छापामारी की है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सात साल पहले खेमका के बेटे की भी हुई थी हत्या
इस वारदात ने न सिर्फ पटना बल्कि पूरे राज्य को झकझोर दिया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खेमका परिवार किसी आपराधिक हमले का शिकार हुआ हो। करीब सात साल पहले गोपाल खेमका के बेटे की भी हत्या कर दी गई थी। अब खुद गोपाल खेमका की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो न सिर्फ कानून व्यवस्था की नाकामी, बल्कि अपराधियों के बढ़ते मनोबल को भी दर्शाता है।

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