ईरान-इस्राइल तनाव चरम पर: बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से पलटवार, परमाणु वार्ता से भी पीछे हटा तेहरान

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तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है। इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब खुली लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है। हाल ही में इस्राइली रक्षा बलों (IDF) द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने भी ज़बरदस्त पलटवार किया है। सूत्रों के अनुसार, ईरान ने सैकड़ों बैलेस्टिक मिसाइलें इस्राइल पर दागीं और एक साथ 100 से अधिक ड्रोन हमले किए।

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इस्राइल का हमला: 20 कमांडर ढेर, परमाणु प्रमुख की मौत
शुक्रवार सुबह इस्राइल ने ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के कम-से-कम 20 शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख वैज्ञानिक की भी मौत हो गई है, जिससे तेहरान को बड़ा झटका लगा है।

ईरान का पलटवार: मिसाइल और ड्रोन से जवाब
इस हमले के बाद ईरान ने बिना देरी किए जवाबी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बैलेस्टिक मिसाइलें इस्राइल की ओर दागीं। साथ ही, 100 से अधिक ड्रोन हमले भी किए गए हैं। ईरानी सेना का कहना है कि यह जवाब उनकी संप्रभुता के उल्लंघन और उनके वैज्ञानिकों की हत्या के प्रतिशोध स्वरूप है।

अमेरिका से परमाणु वार्ता से इनकार
ईरान ने न केवल सैन्य कार्रवाई की, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया है। तेहरान ने अमेरिका के साथ चल रही परमाणु वार्ता से खुद को अलग कर लिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि जब तक क्षेत्र में आक्रामकता और हत्या जारी है, उस स्थिति में कोई भी संवाद संभव नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी: “61वां दिन है”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था, और आज 61वां दिन है।” यह बयान सीधे तौर पर ईरान को एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगी इस्राइल के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

आशंका: बढ़ सकता है युद्ध का दायरा
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव इसी तरह जारी रहा, तो यह पूरा पश्चिम एशिया एक बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है, जिसमें अमेरिका और रूस जैसे देश भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं।

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