गर्मी की वजह से घटे भक्त, 70 हजार तक खिसकी दर्शनार्थियों की संख्या; होटल-गेस्ट हाउस खाली

अयोध्या। सूरज की तपिश से तापमान लगातार बढ़ रहा है। सुबह नौ बजे से ही तेज धूप हो रही है। शुक्रवार को अयोध्या में दिन का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। सूरज की तपिश आस्था के तापमान पर भारी पड़ रही है। रामलला के दर्शनार्थियों की घटती संख्या इसका संकेत दे रही है। रामजन्मोत्सव के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। रामजन्मोत्सव के मुख्य पर्व छह अप्रैल के बाद से रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या में काफी कमी आई है। इसका मुख्य कारण तेज गर्मी, गांवों में गेहूं की कटाई को बताया जा रहा है। दिन चढ़ने के साथ ही राम जन्मभूमि दर्शन पथ पर श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम हो जाती है। दोपहर होते-होते दर्शन के लिए बनी कतार में गिने-चुने श्रद्धालु नजर आते हैं। वहीं सुबह व शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ से दर्शनपथ गुलजार रहता है। बरेली से आए अनिल अग्रवाल ने बताया कि रामलला के दर्शन बड़े ही सुगमता से हुए हैं। भीड़ बिल्कुल नहीं है। पर्यटन विभाग के एक गाइड ने बताया कि इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम हुई है। गर्मी व तेज धूप की वजह से लोग कम आ रहे हैं। एनआरआई व विदेशी श्रद्धालु भी घटे हैं। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या कुछ खास नहीं घटी है। सामान्य दिनों में 70 से 80 हजार श्रद्धालु आ रहे हैं जबकि वीकेंड पर यह संख्या एक लाख से ऊपर पहुंच जाती है। कपड़ा व्यापारी विजय साहू ने बताया कि सुबह से धूप काफी तेज हो जाती है। सात दिनों से दोपहर का व्यापार लगभग खत्म हो गया है। ग्राहक नहीं निकल रहे हैं। रामनवमी के बाद से व्यापार में कमी आई है। धार्मिक वस्तुओं के विक्रेता नवमी गुप्ता ने बताया कि अब रामलला के चित्रों व अन्य धार्मिक वस्तुओं की बिक्री करीब तीन गुना घट गई है। दिन भर में मुश्किल से रामलला के 20 चित्र बिक रहे हैं। इसका कारण तेज धूप व गर्मी ही है। हनुमानगढ़ी के प्रसाद व्यवसायी विकास ने बताया कि सुबह-शाम श्रद्धालु आ रहे हैं, दोपहर में भीड़ न के बराबर होती है। दिन चढ़ने के साथ अयोध्या के घाटों के पत्थर तप रहे हैं। हमेशा गुलजार रहने वाले इन घाटों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। सुबह 10 बजे के बाद ही पूजा-अनुष्ठानों पर गर्मी का साफ असर दिखता है। जैसे-जैसे धूप चढ़ रही होती है, घाटों पर वीरानी छाने लगती है। पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहित भी घाटों पर श्रद्धालुओं की कम आवाजाही के कारण परेशान हैं। दिन चढ़ने के साथ घाटों पर पर्यटक और श्रद्धालुओं की आवक कम हो जाती है।मौसम के तेवर तीखे हो गए हैं, सूरज का ताप बढ़ गया है। इसके चलते रामनगरी में श्रद्धालुओं की संख्या घट गई है। श्रद्धालु घट रहे हैं तो अयोध्या में संचालित हो रहे होम स्टे व गेस्ट हाउस संचालकों की आय में 50 फीसदी तक कमी आई है। महाकुंभ के दौरान उमड़ी भीड़ ने होम स्टे, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व होटल संचालकों की चांदी कर दी थी। महाकुंभ मेले के 45 दिन में इन्हें खूब आय हुई। रामनवमी मेले के बाद से अब श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ रही है, जिससे होम स्टे, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व होटल संचालकों की कमाई भी कम हो गई है। होम स्टे संचालक गौरव तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या अब काफी कम हो गई है। आय में 50 से 60 फीसदी की गिरावट आई है। होटल संचालक अनूप गुप्ता ने बताया कि पहले की तुलना में श्रद्धालु कम हुए हैं। होटल के कमरे फुल नहीं हो पा रहे हैं। होम स्टे संचालक अरविंद तिवारी ने बताया कि रखरखाव का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा है। पिछले चार दिनों से एक भी कमरा बुक नहीं हुआ है। बढ़ती गर्मी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है।