बदायूं में तीन दिवसीय डॉ आंबेडकर जयंती समारोह भव्य रूप में हुआ, विभिन्न कार्यक्रम हुए
बदायूं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के नेतृत्व में संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्मोत्सव समारोह बड़ी धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे जिला अस्पताल के सामने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क में बुद्ध वंदना से शुरू हुआ बुद्ध वंदना के बाद बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम प्रारंभ हो गया जो अनवरत चलता रहा। शहर के समस्त लोगों और विभिन्न पार्टियों के गणमान्य लोगों के द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे भीम जीवन पर आधारित नाटक आर्केस्ट्रा पार्टी द्वारा भी प्रेरणा गीतों का गायन चित्र प्रदर्शनी एवं लीला का मंचन किया गया बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ भीमराव अंबेडकर समिति के अध्यक्ष डॉ हरीश दिनकर द्वारा की गई थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेवाराम चौधरी साहब आई o ईo एस o सेवा निवृत संयुक्त महानिदेशक भारत सरकार थे। मेवाराम चौधरी ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हमेशा न्याय स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व के लिए कार्य किया। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संपूर्ण भारत के मसीहा थे । जिन्होंने भारत देश को एक बहुत ही अच्छा संविधान दिया। आगरा से आई वरिष्ठ समाजसेवी मुख्य वक्ता श्रद्धेया किरण केसरी ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने हिंदू कोड बिल के द्वारा महिलाओं को गुलामी से मुक्त कराया तथा महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए ।महिलाएं बाबा साहब के संविधान की बदौलत हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधा से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं।विशिष्ट अतिथि शश्रद्धेय भीष्म पाल सिंह भारतीय संस्थापक अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति बेसिक शिक्षा महासभा ने कहा कि सभी लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण कराए। शिक्षा ही गुलामी की जंजीरों को तोड़ती है। शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति अपना और अपने समाज व अपने राष्ट्र का नाम गौरवान्वित कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री ननीटू सिंह ने किया। इस मौके डॉ भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के मीडिया प्रभारी पवन गौतम समिति के महामंत्री नीटू सिंह समिति के कोषाध्याय नरेश पाल सिंह अतिराज सागर विशाल अंबेडकर महिपाल टंडन पप्पू सिंह राजीव कुमार अनिल कुमार सागर आर o पी o त्यागी ब्रह्मानंद बौद्ध चिरंजी लाल हेमेंद्र गौतम हेमंत कुमार राजकुमार सिंह जितेंद्र कुमार मुन्नालाल संत राधेश्याम बिलटिया रत्नेश कुमार दौलत राम नास्तिक राधेश्याम बौद्ध भारत सिंह जाटव हरपाल सिंह प्रताप सिंह ओंकार सिंह विजय सिंह राधे लाल बौद्ध रघुवीर सिंह कर्नल ब्रह्मानंद गौतम सुनील कुमार नीरज दिवाकर गुरदयाल भारती क्रांति कुमार नरेंद्र वाल्मीकि सुनील कुमार डॉक्टर गीतम सिंह प्रजापति जेपी सागर छोटू भैया जुगल किशोर अरविंद लाल बाल्मीकि बृजभूषण सिंह डॉक्टर गुलशन इरफान सप्तम अंबेडकर सत्य प्रकाश आर्य गुरदेवी बौद्ध माया देवी दिनकर सुधा देवी माया देवी बौद्ध सदावती बौद्ध अमित भास्कर आर्य भास्कर रेनू सिंह राजपाल सिंह निमेष पूनम सिंह ओंकार सिंह जसवंत सिंह कमलेश भारती रविंद्र सिंह ज्ञानी राजा बाबू छोटेलाल बौद्ध राजीव कुमार मानसिंह गौतम सत्येंद्र पाल सिंह एडवोकेट मधुबाला प्रीति सागर विनोद कुमारी सविता अंबेडकर शकुंतला बौद्ध सरिता दिनकर शिखा टंडन मोना सिंह शेखर सिंह योगेश कुमार रामशरण लाल प्रमोद दिवाकर गुरु चरण दास ज्ञान सिंह टंडन ऋषिपाल सिंह सोहन पाल वीरेंद्र पाल सिंह आरपी त्यागी भीमसेन सागर आदि हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।













































































