बरेली । अक्सर यह देखा जाता है कि मौसम बदलते ही कई प्रकार की बीमारियाँ लोगों को घेर लेती हैं। खासकर गर्मी से बरसात या सर्दी में प्रवेश करते समय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है जिससे जुकाम, खांसी, बुखार, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे समय में खानपान और जीवनशैली में सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गयास अंसारी बताते हैं कि बदलते मौसम में शरीर को अचानक होने वाले तापमान में उतार चढ़ाव के अनुसार ढलने में समय लगता है। ऐसे में अगर हम खानपान और हाइजीन पर ध्यान नहीं देते तो सर्दी खांसी वायरल फीवर और एलर्जी के शिकार हो सकते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। इस मौसम में विटामिन सी युक्त फल जैसे संतरा, आंवला, नींबू आदि का सेवन बढ़ाना चाहिए। इसके अलावा हल्का, सुपाच्य और घर का बना ताजा भोजन ही करना चाहिए। बाजार के तले भुने या खुले में रखे खाने से बचना चाहिए। बदलते मौसम में शरीर की इम्युनिटी कमजोर होती है इसलिए हमें अपनी डाइट में एंटीऑक्सिडेंट्स और प्रोटीन को शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियां, मौसमी फल, सूखे मेवे, दालें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी में शहद और नींबू के साथ करें। यह न केवल शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ाता है। इसके अलावा, रोजाना कम से कम तीस मिनट की हल्की कसरत योग या प्राणायाम भी सेहत के लिए फायदेमंद है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के इस बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए और लापरवाही से बचना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी बरत कर न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान भी रखा जा सकता है।