बरेली। सिलसिला-ए-नियाज़िया के बानी हज़रत शाह नियाज़ी साहब के साहबजादे व पहले जानशीन हज़रत शाह मोहम्मद निज़ामुद्दीन हुसैन क़ादरी चिश्ती नियाज़ी (रह0) का एक रोज़ा उर्स दिनांक 2 मार्च, को ख़ानक़ाह-ए-नियाज़िया में अपनी क़दीमी रिवायात के साथ सम्पन्न हुआ। जिसकी ज़ेरे सरपरस्ती ख़ानक़ाह-ए-नियाज़िया के सज्जादानशीन अल्हाज मोहम्मद महेंदी मियाँ क़ादरी चिश्ती निज़ामी नियाज़ी की देख-रेख में की गई दिनांक 2 मार्च, को बाद नमाज़-ए-फज्र क़ुरअ़ान ख़्वानी हुयी बाद नमाज जुहर कुल शरीफ की रसम आदा की गई। और रोजे़ का इफतार करवाया गया जिसमें काफी तदाद में लोग शामिल रहे नमाज़-ए-इशा के बाद महफिल-ए-समां का आग़ाज़ हुआ साहिबे सज्जादा के ख़ानक़ाहे नियाज़िया के साहबजादगान के साथ मसनद पर तशरीफ लाये और बारी बारी कव्वाल हजरात ने कलाम पेश किया बाद कव्वाली के कुल शरीफ की रस्म अ़दा की कौम व मुलक के लिए दुआ कि गई।