शिव देवी सरस्वती शिशु मन्दिर में मनाई गई संत रविदास जयंती
बदायूँ।। विद्या भारती विद्यालय शिवदेवी सरस्वती शिशु मन्दिर सिविल लाइन्स बदायूँ में आज वंदना सत्र में संत रैदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं ने संत रैदास के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती की वन्दना के साथ हुआ। वन्दना के उपरांत कार्यक्रम के अध्यक्ष आचार्य रूपेंद्र सिंह एवं मुख्य वक्ता श्री भोलेनाथ पाठक ने संत रैदास के चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम को गति प्रदान की। विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं ने संत रैदास के जीवन पर प्रकाश डाला और गीत कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भोलेनाथ पाठक ने संत रैदास के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रैदास संत शिरोमणि थे। संत रैदास जी बहुत ही दयालु और दानवीर थे। संत रविदास ने अपने दोहों व पदों के माध्यम से समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल दिया और मानवतावादी मूल्यों की नींव रखी। रैदास जी कहते थे कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ अपने कर्म से नीच होता है। जो व्यक्ति गलत काम करता है वो नीच होता है। कोई भी व्यक्ति जन्म के हिसाब से कभी नीच नहीं होता।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह ने सभी को आशीर्वचन देते हुए कहा कि हमें रविदास के जीवन से सामाजिक एकता की प्रेरणा मिलती है। हमें सदैव अपने सत्कर्मो पर ध्यान देना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य जयप्रकाश द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य कौशल किशोर पाठक ने किया इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य लालाराम वर्मा, सुबोध मिश्रा, राकेश मिश्रा, रूपेंद्र सिंह, निरंजन सिंह, अविलेश यादव, नरेशपाल सिंह, राजीव कुमार सिंह, जय प्रकाश, आचार्या बहिन पुष्पा श्रीवास्तव, सुमन शर्मा, आयुषी, कंचन गुप्ता, पूजा शर्मा, पूनम चौहान, ज्योत्सना सिंह, अंचल पाठक, रिया राजपूत, प्रियंका सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।













































































