सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं को देख डीएम नाराज़
बदायूं। मैटरनिटी विंग के निरीक्षण में डीएम के पूछने पर स्टाफ नर्स ने बताया कि प्रसूता को भोजन व दूध आदि उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए इसका कारण पूछा तो अवगत कराया कि भोजन का टेण्डर ही नहीं हुआ है, यह सुनते ही डीएम ने सीएमओ से इसके बारे में पूछा सीएमओ ने बताया कि टेण्डर पूरे जिले का एक साथ होता है। वहां मौजूद चिकित्सक विपिन वर्मा ने बताया कि टेण्डर मार्च में समाप्त हो चुका है।

सोमवार को जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मुख्य चिकित्सकाधिकारी डाॅ0 यशपाल सिंह के साथ वजीरगंज स्थित सेठ डूंगरमल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने सीएचसी में प्रवेश करते ही कई सारी अनियमित्ताएं मिल गईं, वहां खराब एम्बुलेंस को डीएम ने निष्प्रियोज कराने के निर्देश दिए हैं। केन्द्र पर ही स्थित 30 शैय्या मैटरनिटी विंग में वहां मौजूद स्टाफ नर्स से प्रसव के सम्बंध में जानकारी ली तो उसने बताया कि आज सुबह ही डिलीवरी हुई है। उसकी छुट्टी कर दी गई है। डीएम ने इतनी जल्दी छुट्टी देने का कारण पूछा तो स्टाफ नर्स ने कहा कि कोरोना काल चल रहा है, प्रसूता के परिवारजन अधिक समय तक स्वास्थ्य केन्द्र पर रोकना नहीं चाहते हैं, इस पर डीएम ने असंतोष जताया। डीएम ने एडमिट और डिस्चार्ज रजिस्टर मांगा तो उसमें भी अनियमित्ताएं पाई गई। डीएम ने प्रसूता के भोजन के बारे में जानकारी ली तो बताया गया टेण्डर न होने की वजह से भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता है। डीएम ने बच्चे को लगने वाले जीरो डोज के टीके के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह भी नहीं लगाया जाता है। इस पर डीएम ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की है।

तत्पश्चात डीएम ने स्वास्थ्य केन्द्र के इमरजैंसी वार्ड में पहुंचकर पंजिकाओं का अवलोकन किया एवं औषधि भण्डार में पहुंचकर स्टाॅक रजिस्टर से दवाओं का मिलान किया तो डीएम ने पाया कि कई प्रकार की दवाएं इसी माह एक्सपायर हो रही है। डीएम ने स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाएं जल्द ठीक कराएं।













































































