घरों के टॉयलेट पाइप के माध्यम से भी अन्‍य लोगों तक फैल सकता कोरोना वायरस ?

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मुंबई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर तबाही मचा रही है. वहीं वैज्ञानिक भी इसके बारे में कई तरह की जानकारियां जुटा रहे हैं. अभी तक कोरोना संक्रमण के बारे में यह बात सामने आ चुकी है कि कोरोना संक्रमित व्‍यक्ति के खांसने-छींकने पर हवा में फैला वायरस आंख, नाक, मुंह के जरिए स्वस्थ व्यक्ति में प्रवेश कर जाता है. वहीं यह चौंकाने वाली बात भी सामने आई है कि घरों के टॉयलेट पाइप के माध्यम से भी कोरोना वायरस अन्‍य लोगों तक फैल सकता है.

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वहीं एनबीटी में एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि फ्लश करने से वायरस निकल कर हवा में मिल जाता है. हरवर्ड यूनिवर्सिटी के टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में हेल्दी बिल्डिंग प्रोग्राम के डायरेक्टर जोसफ जी एलन कहते हैं कि जैसे ही हम फ्लश करते हैं तो प्रति क्यूबिक मीटर हवा में 10 लाख कण मिल जाते हैं. इनमें सभी में तो वायरस नहीं होता लेकिन सार्वजनिक शौचालयों में जो लोग बाद में इसका उपयोग करते हैं, उन पर इसका खतरा बना रह सकता है. यानी कोरोना संक्रमित के टॉयलेट उपयोग करने से अन्‍य पर संक्रमण का खतरा होगा. ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर सोसायटी की बिल्डिंग के एक फ्लैट के टॉयलेट से दूसरे टॉयलेट तक भी क्‍या कोरोना वायरस फैल सकता है. इसके लिए हांगकांग की एक बिल्डिंग का उदाहरण दिया गया. इसके तहत वैज्ञानिकों को लगता है कि यहां की बिल्डिंग में वायरस का संचार प्लंबिंग सिस्टम के जरिए हुआ था.

2003 में हांगकांग में हुए अमॉय गार्डन सार्स प्रकोप की घटना सामने है. इसके 50 मंजिला इमारत अमॉय गार्डन में सार्स महामारी फैलने से इस बिल्डिंग के 342 लोग बीमार हुए और 42 की मौत हो गई. वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बिल्डिंग में वायरस का संचार प्लंबिंग सिस्टम के जरिए हुआ था.

वहीं साइंस मैगजीन की लेखिका जॉलीन कैसर ने इस संबंध में गुआंजु की एक घटना के बारे में लिखा है कि वायरस से संक्रमित एक पांच सदस्यीय परिवार वुहान से लौटा था. इसके कुछ दिनों बाद ही इनके अपार्टमेंट के दो जोड़े संक्रमित हुए थे. इसके बाद चीनी वैज्ञानिकों के जरिये यह बात सामने आई कि मरीज के फ्लैट से सभी फ्लैट्स के पाइप जुड़े हुए थे जिससे वायरस अन्‍य जगह पहुंच गया. दरअसल, गुआंजू की बिल्डिंग में परिवार के पांचों सदस्य संक्रमित थे. ऐसे में टॉयलेट में वायरस की मात्रा बहुत ज्यादा थी.

द लैंसेट में प्रकाशित एक लेख के अनुसार एक जगह ज्यादा संक्रमितों के रहने से वहां के वातावरण में वायरस भी काफी मात्रा में उपस्थित रहेगा. वहीं भारत में भी इस आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता. ऐसे में इससे इंकार नहीं कर सकते कि गर एक अपार्टमेंट में कई लोग संक्रमित हों तो संभव है कि वायरस उनके टॉइलेट के जरिये जिनके पाइप जुड़े हों उसकी सीध में बने अन्‍य अपार्टमेंट्स तक भी पहुंच जाए. ऐसे में कुछ सावधानियां बरतें.

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