बरेली डीएम आवास के सामने फैला हुआ ठगो का मकड़जाल
बरेली । ठगी से बचने के लिए जहां लोग जागरूक होते हैं , तो वहीं ठगी करने वाले लोग नए-नए तरीके ढूंढ कर लोगों को ठगना शुरू कर देते हैं, ऐसा ही बरेली की शहर कोतवाली क्षेत्र के जिला अधिकारी आवास के सामने एचडीएफसी बैंक के पीछे चौथे फ्लोर पर स्थित स्मार्ट वैल्यू प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से ठगी का कारोबार खोल रखा है। यहां पर युवक ,युवतियों हाउसवाइफ सभी को जमकर ठगा गया है। इनमें से कुछ ठगी के शिकार पीड़ितो ने आज एसएसपी ऑफिस पहुंचकर ठगी का कारोबार करने वाले ठगों से अपने ठगे गए रुपए वापस दिलाने तथा इन ठगों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। एसएसपी ऑफिस पहुंचे पीड़ितों ने बताया कि उनको यह कहकर ज्वाइन किया गया था कि यहां पर कंप्यूटर की कोचिंग है तथा प्लेसमेंट का कार्य होता है , 6 माह की कोचिंग के बाद कहीं ना कहीं अच्छी जगह पर नौकरी लग जाएगी। 6 माह की कोचिंग के 15,500 रुपए तथा 100 जॉइनिंग फीस रखी गई है। एक बार कोचिंग में जॉइनिंग होने के बाद स्मार्ट वैल्यू प्राइवेट लिमिटेड के अंकित यादव, काजल कश्यप, कीर्ति मौर्य और शिवानी पटेल लोगों को तरह-तरह के लुभावने ऑफर देते थे। कहते थे कि और लोगों को ज्वाइन कराओ उसके बाद तुम लोगों को चेक मिलेगा और चेक की रकम लगातार बढ़ती रहेगी। यहां तक कि इनके द्वारा लोगों को जमकर टॉर्चर किया जाता था। कहा जाता था कि कहीं से भी पैसे लेकर आओ तुम्हें पैसे लेकर आना ही पड़ेंगे। अंकित यादव से जब इस बाबत बात की गई तो अंकित यादव ने बताया कि इस तरीके का कुछ नहीं होता है हम यहां पर लोगों को कोचिंग देते हैं और प्लेसमेंट देते हैं। जबकि एसएसपी ऑफिस शिकायत करने गए शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनको बहुत ही ज्यादा टॉर्चर किया गया है। वही सुभाष नगर थाना क्षेत्र के करेली की रहने वाली मुस्कान ने बताया कि वह इसलिए वहां पहुंची थी कि कोचिंग के बाद उसकी कहीं ना कहीं जॉब लग जाएगी ,गरीब परिवार की होने की वजह से उसने सोचा कि घर का कुछ ना कुछ सहारा हो जाएगा। उससे 100 रुपए जॉइनिंग फीस ली गई और 17 हजार रुपए कोचिंग की फीस ली गई। उसने बताया कि इसके बाद उससे कहा कि अब और लोगों को ज्वाइन कराओ। उसने बताया कोचिंग तो कराई नहीं और लुभावने ऑफर देना शुरू कर दिए। उससे कहा गया कि अगर तुम और लोगों की जॉइनिंग कर आओगी तो तुम्हारे पास चेक आएगा और अच्छी कमाई कर पाओगी। उसके बाद उसने एक जॉइनिंग अपने परिवार से और कराई जिसमें उसने अपने घर के लोगों के जेवर बेचकर पैसे दिए। उसने बताया कि उसे मार्केट में भेजा जाता था और कहा जाता था कि और लोगों को ज्वाइन कराओ उसे बहुत टॉर्चर किया जाता था कहा जाता था कि आज इतने रुपए लेकर ही आना है एक टारगेट दिया जाता था। कोचिंग के नाम पर फंसा कर लोगों को प्रताड़ित किया जाता था। वही कैंट थाना क्षेत्र के चनेहटा की रहने वाली ववीता का कहना है कि कोचिंग के लिए उसने जॉइनिंग की थी और प्लेसमेंट की गारंटी दी गई थी। बताया कि एक दिन भी उसे कोचिंग नहीं दी गई।लगातार उससे यह कहा जाता था कि यहां से पैसे लेकर आओ वहां से पैसे लेकर आओ और उसे इधर-उधर दौड़ाया जाता था। उससे 14,500 रुपए ले लिए इसके बाद जब उसने अपने रुपए वापस मांगे तो उसे बहाना बनाया गया कि आज दे देंगे कल दे देंगे यह कहकर उसे डाला गया और बाद में उसे पैसे देने से बिल्कुल इनकार कर दिया और कहा कि जहां भी शिकायत करना चाहती हो करो हमारा कुछ नहीं कर पाओगी।
वही कैंट कैंट थाना क्षेत्र के कमालपुर पालपुर की रहने वाली आशा ने बताया कि उसे एक लड़की मिली थी उसने कहा कि आप एक जगह कोचिंग ज्वाइन कर लो वहां पर आपको प्लेसमेंट मिलेगा, नौकरी मिलेगी इसी लालच में उसने स्मार्ट वैल्यू प्राइवेट लिमिटेड में कोचिंग के नाम से पैसे जमा किए, मगर उसे एक दिन भी कोचिंग नहीं दी गई।तरह-तरह के लुभावने ऑफर देते थे कहते थे कि लोगों को और जुड़वाओ ,जब उसने महसूस किया कि उसे ठगा गया है तो उसने अपने पैसे वापस मांगे जिसपर उसे धमकी देकर भगा दिया गया आज उसने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की है। इसी तरीके से इन ठगों ने वविता से 14 हजार 5 सौ रुपए,विनीता से 1लाख 50 हजार रुपए,मोहिनी से 2 लाख रुपए,आशा राजपूत से 45 हजार,मुस्कान से 34 हजार ,प्रिया से 2 लाख रुपए,कुसुम से 30 हजार,अंशिका से 33 हजार रुपए,हरिओम से 14 हजार पांच सौ रुपए, निशा से 33 हजार रुपए ठग लिए हैं।
ठगी करने वाले लोग कुछ ना कुछ ठगने के नए तरीके ढूंढ ही लेते हैं, इन ठगों की हिम्मत तो देखिए कि इन ठगों ने डीएम आवास के ठीक सामने अपना ठगी का मकड़जाल फैलाया है और कई लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। आज कुछ लोगों ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर आवाज उठाई है, मगर ऐसे बहुत से लोग होंगे जो ठगे गए होंगे। ऐसे ठगों पर इस तरह की की कार्रवाई होना चाहिए कि ऐसे ठग ठगी करने से डरे और एक नजीर पेश हो। ऐसे लोग भोले भाले लोगों को, गरीबों को अपना निशाना बनाते हैं और उनसे रुपए ठगते हैं। ऐसे लोग समाज के लिए एक नासूर है जिनका इलाज करना नितांत आवश्यक है।













































































