वाराणसी। ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा-पाठ जारी रखने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। इससे पहले ही हिंदू पक्ष ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि शीर्ष अदालत से अनुरोध किया गया है कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले हमारा पक्ष जरूर सुना जाए।शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने 25 सितंबर 2023 को जिला जज की अदालत में वाद दाखिल किया था। उनकी मांग थी कि ज्ञानवापी स्थित व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सुपुर्द किया जाए। साथ ही, वहां वर्ष 1993 के पहले के जैसे ही पूजा-पाठ की अनुमति दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अदालत ने 17 जनवरी 2024 को डीएम एस. राजलिंगम को व्यासजी के तहखाने का रिसीवर नियुक्त किया था। 31 जनवरी 2024 को अदालत ने आदेश दिया था कि चौक थाना क्षेत्र के सेटलमेंट प्लॉट-9130 स्थित भवन के दक्षिण तरफ के तहखाने की मूर्तियों की पूजा, राग-भोग और शृंगार पुजारी से कराएं। आदेश के लगभग 10 घंटे बाद ही व्यासजी के तहखाने में जाने के लिए रास्ता बनवा कर जिलाधिकारी ने पूजा-पाठ शुरू करा दी थी। जिला जज की अदालत के आदेश के खिलाफ मसाजिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। गत 26 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मसाजिद कमेटी की अपील खारिज कर दी।