राशन कार्ड विवाद को लेकर कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया
बदायूं। प्रदेश में राशन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा इस बीच प्रांतिया आवाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओंकार सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा चुनाव में वोट के लिए सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन बांटा। चुनाव निपटते ही राशन बंद करने के लिए पात्रता की नई शर्तें जोड़ दी। समस्त जनपदों के डीएम व जिला पूर्ति अधिकारियों ने गजट जारी कर राशन कार्ड तत्काल सरेंडर करने के निर्देश दिए। लाखों राशन कार्ड सरेंडर हो गए। दरअसल, सरकार अब गरीबों को मुफ्त राशन नहीं देना चाहती, इसलिए नई शर्तें लागू की। कांग्रेस ने इस आदेश का तीव्र विरोध शुरू किया।

जनता से माफी मांगे सरकार जिला उपाध्यक्ष आतिफ खान ने हैरानी जताई कि लाखों राशन कार्ड सरेंडर करने के बाद अब सरकार कर रही है कि कोई आदेश जारी नहीं किया। फिर अधिकारियों ने किसके आदेश से 24 रुपये किलो गेहूं और 32 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चावल की वसूली की चेतावनी जारी की। भाजपा सरकार गरीब जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस विरोध किया तो जनता भी साथ आ गई। जब सरकार ने देखा कि दांव उल्टा पड़ गया तो प्रक्रिया तुरंत रोक दी। जिला महासचिव राम रतन पटेल एवं अंकित चौहान ने कहा कि क्या सरकार यह संदेश देना चाहती थी कि उसके जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उनके नियंत्रण में नहीं रह गए हैं। क्या उत्तर प्रदेश का शासन निरंकुश हो गया है और वह योगी आदित्यनाथ की बात नहीं सुनता? योगी सरकार उन लाभार्थियों से माफी मांगे, जिन्होंने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। साथ ही अधिकारियों की पर कार्रवाई भी करे। सफी अहमद का कहना है कि अंत्योदय राशन कार्ड के मानक ऐसे हैं कि गरीब राशन कार्ड का हकदार नहीं हो सकता। सरकार ने मोटर साईकिल, पक्का मकान, कृषि भूमि न हो, रंगीन टीवी व निश्चित व्यवसाय जैसे मानक तय करते हुए हजारों राशन कार्ड सरेंडर करा लिए। वसूली के लिए दर भी निर्धारित कर दी। अब सरकार का यह कहना कि कोई आदेश जारी नहीं किए, किसी के गले नहीं उतर रहा।
















































































