बरेली । मनोहर भूषण इंटर कालेज के तत्वावधान में बिश्व जागृत मिशन के अन्तर्गत चल रहें, सत्संग के तीसरे दिन साय: कालीन सत्र में सुधांशु जी महाराज जी ने अपने श्री मुख से अमृत वर्षा करते हुए कहा कि, हमें अपने जीवन को उत्सव की तरह जीना चाहिए, ताकि हमारे जीवन में किसी प्रकार की निराशा, उदासी हावी ना हो, हमारी भारतीय संस्कृति में रोजाना कोई ना कोई त्योहार रहता है। इसका कारण जानते हैं, हमारे बुजुर्गों ने बहुत सोच समझकर इस तरह की परंपरा रखी है, ताकि इतने लंबे जीवन में हमें अपने जीवन के प्रति आकर्षण कम ना हो, इन त्योहारों के बहाने हमारे अंदर हमेशा एक ताजगी, एक नयापन, एक सुंदरता बनी रहें, इसके लिए उन्होंने त्योहारों की परंपरा डाली, इन त्योहारों के बहाने हम रोजाना कोई ना कोई काम करते रहते हैं, खुद भी हंसते गाते हैं और दूसरों को भी प्रसन्न रखते हैं, इन त्योहारों के कारण लोगों को रोजी- रोजगार के नए अवसर प्राप्त होते रहते हैं, लोगों को काम मिलता है. परम पूज्य गुरुदेव सुधांशु जी महाराज ने कहा, जीवन कि, जब विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में आपका हौसला बना रहें, आपकी हिम्मत बनी रहें, आपका विश्वास बना रहे तो, समझ लीजिए कहीं ना कहीं आप ऊपर आपके गुरु की कृपा बनी हुई है, गुरु साक्षात ईश्वर का प्रतिनिधि बनकर आपका हर परिस्थिति में ध्यान रखते हैं, इसीलिए हमारे यहां गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा प्राप्त है, इसीलिए कहा गया है, अगर हम अपनी पूजा में ईश्वर का ध्यान एक बार ना करें और गुरु का ध्यान कर लें, तब भी पूजा पूर्ण मानी जाती है. क्योंकि गुरु भी ईश्वर की तरह त्रिकालदर्शी और संपूर्ण है। संपूर्ण भाव से, पूरी श्रद्धा के साथ उस प्यारे ईश्वर कि, शरण में जाओ, उसकी कृपा से परम शांति को और शाश्वत धाम को तुम प्राप्त कर पाओगे, यह भगवान ने निर्देश दिया है तो, तुम सच्चें से ह्रदय से ईश्वर की शरण में जाओ, पहला संदेश तो यही है, दूसरा संदेश है कि, उसकी कृपा से वह सब मिलेगा, जिसकी तुम्हें तलाश है, परम धाम कि, परम शान्ति कि, सभी प्रकार के भौतिक सुखों कि, और अंत में मोक्ष कि, हम उस मंजिल को पाना चाहते हैं, जिसको पाने के बाद किसी अन्य मंजिल को पाने कि, तलाश ना रहे, उस प्रेम को पाना चाहते हैं, जिसके बाद फिर किसी प्रेम की आवश्यकता ना रहे. भगवान कि, ऐसी साधना करो कि, जीवन सत्यम शिवम सुंदरम कि, तरह सुंदर और आनंददायक हो जाए. इससे पूर्व महाराज जी की सुपुत्री डॉक्टर अर्चिका सुधांशु ने कहा, जब हम सत्संग सुनते हैं, अर्थात सत्य का संग करते हैं, तब हमारी विचारधारा बदलती है, हमारा मन बदलता है, जब हमारा मन बदलता है, तभी एक नए युग का एक नए समाज का निर्माण होता है, और सत्संग सुनने और अच्छी किताबें पढ़ने से हमारा डिप्रेशन दूर होता है, चिंताएं दूर होती हैं, मन हर्षित और प्रफुलित होता है, इसलिए हमें हमेशा अच्छे लोगों का संग करना चाहिए. कार्यक्रम के शुभारंभ में महाराज जी का स्वागत करने बालों में अशोक अग्रवाल, श्री अशोक गोयल, सुधीर अग्रवाल सोमेश बाष्णेय, डॉ. भारत कालरा, राजकुमार अग्रवाल, गिरधर गोपाल खंडेलवाल आदि लोग रहें, इसके अतिरिक्त बरेली मंडल के प्रधान देवेंद्र खंडेलवाल, महामंत्री पवन अरोड़ा, नरेंद्र नाथ खुराना, संदीप मेहरा,संजय गर्ग, अनिल कुमार श्रीवास्तव, वेद प्रकाश गंगवार, जगदीश बहादुर, छत्रपाल सिंह, राजीव शर्मा, खेमकरण गंगवार, प्रमोद माहेश्वरी, जगदीश माहेश्वरी, अशोक कुमार अग्निहोत्री, रेखा मेहरा, मंजू गोयल, रितेश गुप्ता, प्रमोद अरोड़ा, सुधा अग्रवाल, कुसुम खंडेलवाल आदि लोगों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अपने जीवन को उत्सव की तरह जियों, ताकि जीवन में हमेशा ताजगी बनी रहे– सुधांशु जी महाराज

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