बरेली। चौधरी मोहल्ला स्थित सुप्रसिद्ध श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति के तत्वावधान में चौधरी तालाब रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक 459वीं श्रीरामलीला के अगले सत्र में प्रभु श्रीराम की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान गंगा अवतरण, प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण का महर्षि विश्वामित्र के साथ जनकपुर प्रवेश, पुष्प वाटिका प्रसंग, माता गिरिजा पूजन तथा राम-जानकी के प्रथम दर्शन जैसे मनमोहक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। लीला का शुभारंभ महर्षि विश्वामित्र द्वारा राजा सगर के पुत्रों के उद्धार और राजा भगीरथ की कठोर तपस्या के फलस्वरूप स्वर्ग से धरती पर गंगा अवतरण की पावन कथा के मंचन से हुआ। इसके बाद प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण के मिथिलापुरी पहुंचने तथा जनकपुर की भव्यता देखकर वहां के नर-नारियों में उमड़े हर्षोल्लास का सुंदर चित्रण किया गया।
पुष्प वाटिका प्रसंग बना आकर्षण का केंद्र श्रीरामलीला के दौरान पुष्प वाटिका प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महर्षि विश्वामित्र की पूजा के लिए पुष्प लेने पहुंचे प्रभु श्रीराम और माता गौरी के पूजन के लिए सखियों के साथ वाटिका आईं माता जानकी के प्रथम दर्शन-मिलन का मनोहारी मंचन किया गया। इस अलौकिक प्रसंग को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। इसके बाद माता सीता द्वारा माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक आराधना और मनवांछित वर प्राप्ति के प्रसंग ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान ‘मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु’ की चौपाई पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। समिति के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा ने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन का प्रत्येक प्रसंग मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। पुष्प वाटिका और गिरिजा पूजन की लीला नई पीढ़ी को उच्च पारिवारिक एवं नैतिक मूल्यों का संदेश देती है। समिति के महाप्रबंधक श्रेयांश बाजपेई ने कहा कि पुष्प वाटिका और गिरिजा पूजन का प्रसंग पवित्र प्रेम, मर्यादा और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समिति के मंत्री शशिकांत गौतम ने बताया कि इन दिव्य प्रसंगों को जीवंत बनाने के लिए मथुरा-वृंदावन के कलाकारों ने विशेष रूप से पुष्प वाटिका का मंच तैयार किया था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उन्होंने बताया कि अगले दिन मंच पर ऐतिहासिक धनुष यज्ञ यानी सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भव्य विवाह महोत्सव का मंचन किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, विजय मिश्रा, महामंत्री शिव नारायण दीक्षित, प्रतीक अरोड़ा, धीरेंद्र शुक्ला, शशिकांत गौतम, अभिषेक मिश्रा, आदित्य शुक्ला, यश चौधरी, हर्ष अग्रवाल, आकाश गंगवार और मीडिया प्रभारी समर्थ गौतम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी पदाधिकारियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ की महाआरती कर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पुष्प वाटिका में राम-जानकी का प्रथम मिलन देख भावविभोर हुए दर्शक

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