लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यादव परिवार की अगली पीढ़ी को लेकर हलचल तेज हो गई है। परिवार की दो महिला सदस्यों की राजनीति में सक्रिय भूमिका सामने आने की संभावना से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव का नाम लोहिया ट्रस्ट में संभावित जिम्मेदारी के लिए सामने आया है, जबकि बदायूं से सपा सांसद आदित्य यादव की पत्नी राजलक्ष्मी सिंह यादव का नाम जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारे जाने को लेकर चर्चा में है। हालांकि दोनों मामलों में अभी पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
लोहिया ट्रस्ट में हालिया बदलाव के बाद अदिति यादव का नाम सामने आया है। सितंबर 2026 में अखिलेश यादव को लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाए जाने पर सदस्यों की सहमति बनी थी। इससे पहले शिवपाल सिंह यादव ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियों और संभावित सदस्यों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुईं। इसी क्रम में सपा मुखिया की बेटी अदिति यादव को ट्रस्ट में सदस्य अथवा किसी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा सामने आई है।अदिति यादव को लेकर यदि यह जिम्मेदारी औपचारिक रूप से तय होती है तो इसे यादव परिवार की नई पीढ़ी की संस्थागत सक्रियता के रूप में देखा जाएगा। हालांकि अभी उनकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक आदेश या घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में उनके नाम को लेकर चल रही बातों को फिलहाल राजनीतिक सूत्रों से जुड़ी जानकारी के रूप में ही देखा जा रहा है।उधर, यादव परिवार की दूसरी महिला सदस्य राजलक्ष्मी सिंह यादव का नाम सीधे चुनावी राजनीति से जुड़ गया है। राजलक्ष्मी सिंह यादव बदायूं के सपा सांसद आदित्य यादव की पत्नी हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इटावा की जसवंतनगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना पर विचार चल रहा है। जसवंतनगर शिवपाल सिंह यादव की परंपरागत राजनीतिक सीट रही है और वर्तमान में भी वह इसी सीट से विधायक हैं।

राजलक्ष्मी सिंह यादव के नाम को लेकर चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जसवंतनगर सीट यादव परिवार की राजनीति का प्रमुख केंद्र रही है। यदि पार्टी उन्हें यहां से चुनाव मैदान में उतारती है तो परिवार की एक और महिला सदस्य सीधे चुनावी राजनीति में प्रवेश करेंगी। हालांकि राजलक्ष्मी सिंह की उम्मीदवारी को लेकर समाजवादी पार्टी ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राजलक्ष्मी सिंह के नाम के साथ शिवपाल सिंह यादव की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि यदि जसवंतनगर से राजलक्ष्मी सिंह यादव को चुनाव लड़ाया जाता है तो शिवपाल यादव किसी अन्य सीट, खासकर फिरोजाबाद जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि इस संभावना की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने के साथ यादव परिवार के भीतर संभावित बदलावों पर भी निगाहें टिक गई हैं। एक ओर अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के लोहिया ट्रस्ट से जुड़ने की चर्चा है, तो दूसरी ओर बदायूं सांसद आदित्य यादव की पत्नी राजलक्ष्मी सिंह यादव के चुनावी राजनीति में उतरने की संभावना ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
यादव परिवार की इन दोनों महिला सदस्यों की संभावित भूमिकाएं अलग-अलग हैं। अदिति यादव का नाम संगठनात्मक और संस्थागत जिम्मेदारी से जोड़ा जा रहा है, जबकि राजलक्ष्मी सिंह यादव का नाम सीधे विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले परिवार की अगली पीढ़ी के राजनीतिक विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।अब सियासी नजरें तीन संभावित फैसलों पर टिकी हैं—अदिति यादव को लोहिया ट्रस्ट में कौन-सी जिम्मेदारी मिलती है, राजलक्ष्मी सिंह यादव को जसवंतनगर से चुनाव मैदान में उतारा जाता है या नहीं और शिवपाल सिंह यादव की अगली चुनावी सीट कौन-सी होगी। इन सवालों पर तस्वीर समाजवादी पार्टी के आधिकारिक फैसलों के बाद ही साफ होगी।
फिलहाल इतना तय है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यादव परिवार के दो युवा महिला चेहरों के संभावित राजनीतिक रोल ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। सपा मुखिया की बेटी अदिति यादव और बदायूं सांसद की पत्नी राजलक्ष्मी सिंह यादव की संभावित सक्रियता पर अब राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं।


























































































