बदायूँ में मेंथा टैंक हादसे में उलझी मौत की गुत्थी, नही पोस्टमार्टम हुआ नही घायल का मेडिकल
बदायूं। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव सुरैनी पापड़ी में मेंथा टैंक की सफाई के दौरान हुई दो सगे भाइयों की मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना के बाद जहां दोनों मृतकों का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है, वहीं गंभीर हालत में मुरादाबाद ले जाए गए तीसरे भाई का भी किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ है। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।गांव निवासी बट्टू अपने तीन बेटों जयवीर (32), राजेश यादव (22) और मनवीर उर्फ पोटी (27) के साथ खेत पर लगे मेंथा प्लांट पहुंचे थे। मेंथा की नई फसल तैयार होने के बाद फैक्ट्री को चालू करने से पहले टैंक की सफाई की जा रही थी। बताया जाता है कि सबसे पहले जयवीर टैंक में उतरा। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर राजेश उसे देखने के लिए अंदर गया। दोनों के बाहर न आने पर मनवीर भी टैंक में उतर गया। कुछ ही देर में तीनों अचेत हो गए।बेटों को टैंक में बेहोश देख पिता बट्टू ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला और चन्दौसी के एक निजी अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने जयवीर और राजेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि मनवीर की हालत गंभीर होने पर उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया।प्रथम दृष्टया टैंक के भीतर बनी जहरीली गैस को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन अभी तक न तो मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ है और न ही घायल युवक का सरकारी मेडिकल परीक्षण कराया गया है। ऐसे में आधिकारिक रूप से मौत का कारण सामने नहीं आ सका है।घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है। एक ही परिवार के दो जवान बेटों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं पोस्टमार्टम न होने के कारण जांच की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर टैंक के अंदर ऐसी कौन सी स्थिति बनी, जिसने कुछ ही मिनटों में दो भाइयों की जान ले ली और तीसरे को जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।















































































