बरेली । फतेहगंज पश्चिमी-राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर स्थित खतरनाक एएनए कट बंद होने के बाद क्षेत्र में सड़क हादसों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। कट बंद होने से अब तक कोई बड़ा हादसा सामने नहीं आया है, जबकि इससे पहले खासतौर पर कोहरे के मौसम में यहां लगातार दुर्घटनाएं होती थीं और कई बार हालात बेहद भयावह हो जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार एएनए कट खुले होने के दौरान वाहन चालकों को अचानक सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता था। घना कोहरा होने पर यह कट जानलेवा साबित होता था और आए दिन दुर्घटनाओं की खबरें मिलती थीं। अब कट बंद होने से यातायात पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो गया है और लोगों ने राहत की सांस ली है। पर कुछ लोग झुमका चौराहे से अभी भी गलत दिशा में आ रहे है जोकि हादसों को दावत दे रहे है गौरतलब है कि यह मामला दिसंबर 2025 का है, जब कस्बे के छात्र असद अंसारी की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया था। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए एएनए कट को बंद कराया। हालांकि एएनए कट बंद होने से स्थिति में सुधार आया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह राधा कृष्ण मंदिर कट को भी बंद कर दिया जाए, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसों पर और प्रभावी रोक लग सकती है। राधा कृष्ण मंदिर कट कस्बे का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के कारण अभी भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस कट को भी बंद कराएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर और अधिक सुरक्षित हो सके और भविष्य में होने वाले संभावित हादसों से लोगों की जान बचाई जा सके।