बिहार। शहर मधुबनी के टाउन क्लब मैदान में शुरु हुए भागवत सप्ताह के पहले दिन कथा व्यास त्रिलोक कृष्ण मुरारी ने कहा श्रीमद्भागवत ऐसा सनातनी ग्रंथ है जिसके बडा कोई दूसरा भक्ति ग्रंथ नहीं है.इसको पांचवा वेद भी कहा जाता है. इसकी मात्र कथा सुनने से ही मानव का उद्धार हो जाता है.यह सभी धार्मिक ग्ंथो का सार है जिसे शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुनाया था.गरुण पुराण का उदाहरण देकर स्पष्ट किया कि भागवत को भगवान ने अपनी दैवीय शक्ति द्वारा ब्रह्म्मा जी के हृदय से प्रकट किया है.जिसे ब्रहम्मा जी ने नारद जी को दिया और नारद जी के द्वारा महर्षि वेद व्यास जी को दिया गया.ईश्वरीय कृपा प्राप्त करने का यह सबसे ज्यादा सुलभ साधन है.देर तक चली कथा की व्यवस्था पंडित सुभाष झा ने संभाली पूजन आचार्य उमाशंकर मिश्रः ने कराया.धर्म साह, विजय कुमार गुप्ता,कौशल साह,और संतोष साह आदि का विशेष सहयोग रहा. कथा से पूर्व कथा स्थल से एक भव्य कलश यात्रा भी निकाली गयी जिसमें भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया.