बरेली। मज़हर-ए-मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद मुहद्दिसे बरेलवी हज़रत अल्लामा तहसीन रज़ा ख़ाँ अलैहिर्रमा का 19वां उर्स 6 से 8 जनवरी तक शानो-शौकत से मनाया जाएगा। उर्स की तमाम तक़रीबात साहिब-ए-सज्जादा हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा ख़ाँ साहब की सरपरस्ती में होंगी। प्रोग्राम के मुताबिक़ 5 जनवरी को मग़रिब की नमाज़ के बाद ख़ानकाह-ए-तहसीनिया में परचम नस्ब किया जाएगा। उर्स के पहले दिन 6 जनवरी को फज्र की नमाज़ के बाद कलाम-ए-पाक की तिलावत होगी। शाम को मग़रिब की नमाज़ के बाद हलक़ा-ए-ज़िक्र होगा और फिर इशा की नमाज़ के बाद “शामे हसन” में जश्ने नातो-मनक़बत व तरही मुशायरा होगा। “सिदरा पे खड़े गर्दे सफ़र देख रहे हैं” इस बार का मिसरा तरही है। उर्स के दूसरे दिन 7 जनवरी को फज्र की नमाज़ के बाद कलाम-ए-पाक की तिलावत होगी। शाम को मग़रिब की नमाज़ के बाद “इत्तेहादे अहले सुन्नत कॉन्फ्रेंस” होगी। शदीद सर्दी की वजह से कॉन्फ्रेंस रात 12 बजे तक जारी रहेगी। इसमें मौलाना सग़ीर अहमद जोखनपुरी, मौलाना हनीफ़ ख़ाँ रज़वी, मौलाना डॉ. शकील अहमद मिस्बाही और जामिया तहसीनिया ज़ियाउल उलूम के सदर मुदर्रिस मौलाना मुहम्मद ख़ुर्शीद मिस्बाही की तक़रीरें होंगी। इस मौक़े पर जामिया तहसीनिया ज़ियाउल उलूम के तलबा की दस्तारबंदी भी होगी। आख़िर में हुज़ूर मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद का क़ुल शरीफ़ होगा। उर्स के तीसरे और आख़िरी दिन 8 जनवरी को फज्र की नमाज़ के बाद क़ुरानख़्वानी होगी और सुबह 8 बजे से “हुस्सामुल हरमैन कॉन्फ्रेंस” शुरू होगी, जिसमें सुबह 10.30 बजे मौलाना ततहीर अहमद रज़वी की तक़रीर होगी। दीगर उलामा की तक़रीरों और नातो-मनक़बत के बाद दोपहर 12.30 बजे मुहद्दिसे बरेलवी मज़हरे मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद हज़रत अल्लामा तहसीन रज़ा ख़ाँ अलैहिर्रहमा का क़ुल शरीफ़ होगा, जिसके बाद साहिब-ए-सज्जादा हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा ख़ाँ साहब ख़ुसूसी दुआ फ़रमाएंगे।