बदायूं में उधार के रुपये वसूलने को व्यापारी ने मारपीट की तो किसान ने आत्महत्या की
बदायूं। कस्बा कादरचौक थाने के पीछे का रहने वाले 45 वर्षीय रिंकू उर्फ प्रदीप कुमार कादरचौक का प्रसिद्ध व्यापारी था। उसकी लकड़ी की टाल एवं गल्ले का व्यापार था व्यापारी के यहां आसपास गांव के लोग लकड़ी और गल्ला बेचने आते थे इसी के चलते कादरचौक थाना के गांव मौसमपुर पटटी का रहने वाला भूरे उर्फ किताब सिंह लगभग 3 वर्ष पहले टाल पर लकड़ी लाने को चार लाख 23 हजार उससे एडवांस ले गया था 3 साल में वह लकड़ी लेकर नहीं आया तो रिंकू ने कई बार उससे अपने पैसे वापस देने का तगादा किया 3 साल में भूरे ने 20 हजार रु० टुकड़ों में वापस किए जब रिंकू के पैसे वापस नहीं मिले तो रिंकू ने दो बार कादरचौक थाने में भूरे के नाम तहरीर भी दी मगर पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और भूरे का एक बार 151 में चालान कर दिया तो रिंकू ने एक बार फोन करके भूरे से फिर पैसे वापस मांगे मगर फिर भी भूरे ने पैसे नहीं दिए जिसकी पैसे मांगने की ऑडियो भी वायरल हो रही है कल रिंकू दिन में भूरे के पास अपने 4 लाख 3 हजार रु० मंगने भूरे के गांव मौसमपुर पटटी गया था तो भूरे ने उसके साथ मारपीट की और उसके थप्पड़ मारे और पैसे देने से साफ इंकार कर दिया रिंकू अपनी बेइज्जती होने पर अपने घर आया और उसने परिजनों को आपबीती बताई और रिकॉर्डिंग का ऑडियो भी सुनाया परिजनों ने बताया रिंकू बेइज्जती की वजह से काफी क्षुब्ध था रात भर सोया भी नहीं था सुबह मौका देखकर उसने कमरे में जाकर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी परिजनों ने जब देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी परिजनों ने पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची पुलिस के पहुंचते ही एक नया कहानी में मोड़ आया परिजनों ने पुलिस को शव से हाथ नहीं लगाने दिया और हंगामा काटने लगे और भूरे की गिरफ्तारी की मांग करने लगे पुलिस ने नाजुक स्थिति को संभालते हुए तुरंत भूरे को गिरफ्तार किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया वहीं परिजनों का कहना है कि रिंकू ने अपनी बेइज्जती से क्षुब्द्ध होकर फांसी लगाई













































































