नारी उत्थान केंद्र में अनोखा समझौता, दो पत्नियों के बीच बंट गए पति के दिन

मुरादाबाद। पुलिस लाइन स्थित नारी उत्थान केंद्र में एक अनोखा समझौता हुआ। इसमें दो पत्नियों का झगड़ा खत्म करने के लिए पति ने खर्च से लेकर दिन तक बांटने की सहमति प्रदान कर दी। इस अनोखे समझौते में एक पत्नी को पैसा देने तो दूसरी को घर का खर्च चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं पति के दिन भी बांट दिए गए। इसमें पति एक सप्ताह तक बारी-बारी से दोनों पत्नियों के साथ रहेगा। समझौते के बाद तीनों साथ घर चले गए। मझोला थाना क्षेत्र के मंगूपुरा निवासी एक युवक वाहन चालक है। उसने साल 2009 में पहली शादी की थी। पहली पत्नी से उसे एक बेटा और बेटी हैं। लेकिन, शादी के कुछ दिनों बाद युवक के पड़ोस में रहने एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध हो गए। कुछ दिन बाद महिला अपने घर से साढ़े चार लाख रुपये लेकर पति को छोड़कर चालक के साथ रहने चली आई। घर से भागने के बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। वाहन चालक पहली पत्नी को समझाकर दूसरी पत्नी को घर लाकर साथ रहने लगा। कुछ दिन पहले पहली पत्नी ने विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद से मामले में विवाद बढ़ गया।
तीन घंटे चली सुनवाई, कोई एक दूसरे को छोड़ने को तैयार नहीं
दोनों पत्नियों में जब आपसी विवाद बढ़ गया तो पहली पत्नी अपना हक मांगने के लिए एसएसपी कार्यालय पहुंच गई। एसएसपी ने मामले को नारी उत्थान केंद्र निस्तारण के लिए भेज दिया। नारी उत्थान केंद्र में बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। काउंसलर एमपी सिंह यादव ने पति के साथ ही उसकी दोनों पत्नियों की बातों को करीब साढ़े तीन घंटे तक सुना। जब दोनों पत्नियों से उन्होंने अलग-अलग बात की तो कोई भी पति को छोड़ने को तैयार नहीं हो रही थी, वहीं दोनों कार्रवाई भी नहीं चाह रहींं थींं। ऐसे में तीनों की सहमति के बाद एक फैसला तैयार किया गया। जिसमें कहा गया कि पहली पत्नी को उसका अधिकार दिया जाएगा। पति जो भी पैसा घर लाएगा वह उसे पहली पत्नी को सौंप देगा। वहीं घर का सारा खर्च भी पहली पत्नी चलाएगी। इस दौरान जो भी जरूरी होगा वह दूसरी पत्नी को उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य में कोई भी पक्ष लापरवाही नहीं करेगा। समझौते में यह भी तय किया गया कि पति एक-एक सप्ताह तक बारी-बारी से दोनों पत्नियों के साथ रहेगा। इस दौरान दोनों को कोई आपत्ति नहीं होगी। पति के साथ ही जब दोनों पत्नियों समझौते की शर्तों का पालन करने के लिए राजी हो गई, तो उन्हें घर भेज दिया गया।
पहले पति से भी हुआ समझौता
पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद पड़ोसी ने चालक के खिलाफ पत्नी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन इस मामले में दोनों पक्षों ने समझौते से विवाद को खत्म कर लिया।