तेंदुए से दो मिनट का संघर्ष और पिता-पुत्र ने मौत के जबड़े से खींच ली जिंदगी, दोनों को चोटें आई
अल्मोड़ा। नगर से सटे माल गांव में घर की गैलरी में आए तेंदुए ने सोमवार सुबह पिता पुत्र पर हमला कर दिया। दोनों ने हिम्मत दिखाकर दो मिनट तक तेंदुए से संघर्ष कर उसके जबड़े से अपनी जिंदगी खींच ली। आखिर तेंदुआ वहां से भाग निकला। उसके हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं हैं। उनका बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद लोगों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने एहतियातन पिंजरा लगाकर गश्त शुरू कर दी है।सोमवार सुबह 6.30 बजे माल गांव निवासी दिनेश सिंह बिष्ट (29) घर की गैलरी के पास खड़े थे। इस दौरान तेंदुआ वहां आ धमका और उस पर झपट पड़ा। उसके शोर मचाने पर पिता धन सिंह बिष्ट (66) उसे बचाने के लिए गैलरी में आए गए। तेंदुआ बेटे को छोड़कर उन पर भी झपट पड़ा। पिता-पुत्र ने हिम्मत नहीं हारी और वन्य जीव के साथ करीब दो मिनट तक संघर्ष किया। इस दौरान शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां पहुंच गए। इसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने गंभीर रूप से जख्मी दोनों घायलों को एंबुलेंस से बेस अस्पताल पहुंचाया।चिकित्सकों ने बताया कि धन सिंह की पीठ और हाथ पर गहरे घाव बने हैं, जबकि दिनेश के गले पर तेंदुए के पंजों की खरोंचें आईं हैं। तेंदुए के हमले के बाद माल गांव के ग्रामीण डरे हुए हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और नियमित गश्त करने की मांग की है।
घटना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
तेंदुए के हमले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने का आश्वासन दिया।
रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि पूरे क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है। एक पिंजरा भी लगाया है ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके। घायलों के परिजनों को इलाज के लिए वन विभाग ने पांच-पांच हजार रुपये सहायता के तौर पर दे दिए हैं।– मोहन राम आर्या, रेंजर













































































