बरेली। खानकाह ए आलिया नियाज़िया में हज़रत मौला अली (अ.स.) की शहादत के मौके पर 21 रमज़ान के पवित्र दिन पर फातेहा ख्वानी और रोज़ा इफ्तार का आयोजन हुआ। इस अवसर पर खानकाह के सज्जादा नशीन और प्रबंधक जुनैदी मियां नियाज़ी सहित तमाम साहिबजादगान मौजूद रहे। यह कार्यक्रम हज़रत अली (अ.स.) की याद में आयोजित किया गया था, जो इस्लामी इतिहास में एक महान व्यक्तित्व और मुश्किल कुशा (कठिनाइयों को हल करने वाले) के रूप में प्रसिद्ध हैं। खानकाह में आयोजित लंगर और फातेहा ख्वानी का उद्देश्य समुदाय के बीच एकता, प्रेम और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस तरह के आयोजन सूफी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जहां लोग एक साथ इकट्ठा होकर प्रार्थना करते हैं और सामुदायिक भोजन में भाग लेते हैं। हज़रत अली (अ.स.) की शहादत का दिन मुस्लिम समुदाय के लिए एक गंभीर और विचारपूर्ण अवसर होता है, जिसमें उनके जीवन और शिक्षाओं को याद किया जाता है। इस दिन लोग उनके बताए गए मार्ग पर चलने और न्याय, सच्चाई और बहादुरी के गुणों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।